आम जनता को राहत! पेट्रोल-डीजल पर घटाई गई एक्साइज ड्यूटी, जानें आपके शहर का ताजा भाव

Petrol-Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमत में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है. आज 27 मार्च को भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज (Excise Duty) पर भारी कटौती की है. पेट्रोल पर सरकार ने अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले के 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है.

वहीं, डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह से कम कर दिया है. यह कदम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के रेंज को पार करने और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण बढ़ते दबाव के बीच उठाया गया है.

सेस में कटौती के बावजूद आज देश के विभिन्न राज्यों में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है. सरकार ने यह कटौती ही इसलिए की है ताकि तेल कंपनियां जनता पर अतिरिक्त बोझ न डालें और कीमतें न बढ़ाएं. इस बीच, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपने VAT में कटौती करने की अपील की है ताकि जनता को 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी में कटौती का सीधा लाभ मिल सके. 

देश के प्रमुख शहरों और राज्यों में पेट्रोल-डीजल की संभावित

शहर/राज्य पेट्रोल (प्रति लीटर) डीजल (प्रति लीटर)
दिल्ली 94.77 रुपये  87.67 रुपये
महाराष्ट्र 103.54 रुपये  90.03 रुपये
उत्तर प्रदेश 94.65 रुपये  87.76 रुपये
कर्नाटक 102.92 रुपये  90.99 रुपये
पश्चिम बंगाल 105.45 रुपये  92.02 रुपये
राजस्थान  104.88 रुपये  90.36 रुपये
हिमाचल प्रदेश 95.27 रुपये 87.31 रुपये
हरियाणा 95.36 रुपये 88.40 रुपये
गुवाहाटी 93.23 रुपये 89.46 रुपये
देहरादून  93.17 रुपये 88.01 रुपये
पोर्ट ब्लेयर  82.46 रुपये  78.05 रुपये
आंध्र प्रदेश 109.53 रुपये 95.70 रुपये

सेस घटाने के बाद भी कीमतें आज स्थिर रखने के ये हो सकते हैं कारण:- 

  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ओपेक (OPEC) देशों की तरफ से सप्लाई कम होने की वजह से कच्चे तेल की लागत का बढ़ जाना. 
  • IOC, BPCL, HPCL जैसी भारतीय तेल कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमत बढ़ने के बावजूद लंबे समय से तेल की कीमतें नहीं बढ़ा रही थीं. इससे इन्हें घाटा हो रहा था. सरकार ने टैक्स कम किया है ताकि इनके घाटे की भरपाई हो और जनता के लिए इन्हें दाम न बढ़ानी पड़े. 
  • सरकारी कंपनियों ने भले ही दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन Nayara Energy जैसी प्राइवेट कंपनियों ने अपना मुनाफा निकालने के लिए पेट्रोल पर 5.30 रुपये और डीजल पर 3 रुपये की बढ़ोतरी की है. 

सेस में कटौती से कितनी मिलेगी राहत? 

अगर कंपनियां केंद्र सरकार की 10 रुपये प्रति लीटर की टैक्स में पूरी कटौती का लाभ ग्राहकों को देने का फैसला ले लें, तो पेट्रोल-डीजल की कीमत में 10-12 रुपये तक की कमी आ सकती है. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत पर राज्य सरकारें VAT लगाती हैं. अगर बेसिक प्राइस में 10 रुपये की कटौती होगी, तो उस पर लगने वाला VAT भी कम हो जाएगा. इससे 10-12 रुपये की राहत मिलने का अनुमान है. 

ये भी पढ़ें:

150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी कच्चे तेल की कीमत! ऑप्शन मार्केट में ट्रेडर्स लगा रहे बड़ा दांव 

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *