Relationship Tips: रोज-रोज घर में होने लगा है कलेश? फॉलो करें ये रिलेशनशिप टिप्स, जिंदगी में फिर लौटेगा प्यार

संगीता की शादी को आठ साल हो चुके हैं. पहले-पहल उनका रिश्ता बिल्कुल फिल्मी रोमांस की तरह था – छोटी-छोटी बातों में हंसी, हर मौके पर साथ और ढेर सारा प्यार. लेकिन वक्त के साथ-साथ जिम्मेदारियां बढ़ीं और रोज़मर्रा की परेशानियों ने जगह बना ली. कभी बच्चों की पढ़ाई तो कभी ऑफिस का स्ट्रेस, इन सबके बीच पति-पत्नी की बातचीत तकरार में बदलने लगी. रोज-रोज के झगड़ों ने माहौल ऐसा बना दिया कि दोनों के बीच प्यार से ज़्यादा चुप्पी रहने लगी.

लेकिन एक दिन संगीता को एहसास हुआ कि अगर रिश्ते को बचाना है तो शुरुआत खुद से करनी होगी. उन्होंने छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू किए – जैसे गुस्से में चुप्पी साधने की बजाय प्यार से बात करना, हर दिन थोड़ी देर पति के साथ बैठकर दिल की बातें करना और कभी-कभी सरप्राइज़ प्लान करना. धीरे-धीरे रिश्ते में फिर से गर्माहट लौट आई और वह खोया हुआ अपनापन वापस महसूस होने लगा.

दरअसल, हर रिश्ते में प्यार और अपनापन बना रहे, इसके लिए दोनों पार्टनर्स की मेहनत और समझदारी बहुत ज़रूरी होती है. अक्सर देखा गया है कि छोटी-छोटी बातों पर घर में कलेश शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे यह रिश्ते में दूरी पैदा करने लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो घबराइए मत. कुछ आसान से रिलेशनशिप टिप्स अपनाकर आप न सिर्फ रिश्ते में फिर से प्यार और सम्मान ला सकते हैं, बल्कि अपने पार्टनर के साथ बॉन्डिंग भी मज़बूत कर सकते हैं.

रिश्‍तों को संभालने के आसान तरीके–

बातचीत सबसे जरूरी- अक्सर हम अपनी परेशानियां मन में दबा लेते हैं और पार्टनर को खुलकर नहीं बताते. यही गलती रिश्ते को खा जाती है. अगर किसी बात से दिक्कत है, तो शांति से कहें और उनके विचार भी ध्यान से सुनें. खुली बातचीत हर रिश्ते की पहली जरूरत है.

छोटी-छोटी चीज़ों से फर्क पड़ता है- सुबह गुड मॉर्निंग बोलना, बिना वजह “लव यू” कहना या पार्टनर की पसंद का खाना बना देना, ये छोटे-छोटे गेस्चर पार्टनर को खास महसूस कराते हैं.

एक-दूसरे को वक्त देना न भूलें- चाहे ऑफिस कितना भी व्यस्त क्यों न हो, हफ़्ते में एक दिन सिर्फ एक-दूसरे के लिए निकालें. बाहर डिनर, मूवी या घर पर पुरानी बातें करना रिश्ते में नयापन लाता है.

झगड़ों को बड़ा न बनाएं- तकरार हर रिश्ते में होती है, लेकिन इसे लंबा खींचना खतरनाक है. गुस्से के बाद “सॉरी” बोलने से झिझकें नहीं.

रिस्पेक्ट और स्पेस जरूरी हैं- पार्टनर की राय को अहमियत दें और उन्हें उनकी पर्सनल स्पेस दें. रिश्ते को इतना कसकर मत पकड़ें कि उन्हें घुटन महसूस हो.

सरप्राइज और पुरानी यादें- कभी गिफ्ट देना, अचानक आउटिंग प्लान करना या पुरानी डेट्स को याद करना रिश्ते में रोमांच और ताजगी भर देता है.

टीम की तरह सोचें- समस्याओं को “तुम्हारी या मेरी” न मानकर “हमारी” समझें. यही सोच रिश्ते को मजबूत बनाती है.

और हां, अगर कोशिशों के बाद भी सब न सुलझे, तो काउंसलर की मदद लेने से झिझकें नहीं. रिश्ता संभालना आसान नहीं होता, लेकिन अगर प्यार, धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ें तो रोज़-रोज के कलेश भी मिट सकते हैं और वही पुराना प्यार फिर से लौट सकता है.

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