काल भैरव की दुर्लभ मूर्ति… आज तक कोई हिला नहीं सका! रीवा में हंसती मुद्रा में विराजमान

होमफोटोधर्म

काल भैरव की दुर्लभ मूर्ति, आज तक कोई हिला नहीं सका! यहां हंसती मुद्रा विराजमान

Last Updated:

Rewa Bhairavnath Temple: मध्य प्रदेश के रीवा में भगवान काल भैरव की अद्भुत प्रतिमा विराजमान है. इसे भारत की अद्भुत मूर्ति माना गया है. क्योंकि, ये जिस पत्थर की बनी है, वह पत्थर रीवा में दूर-दूर तक मौजूद नहीं है. दूसरी बात, यहां काल भैरव शांत स्वरूप में हैं. काल भैरव की ऐसी प्रतिमा और कहीं देखने में नहीं आती. जानें और…

रीवा जिले के गुढ़ ब्लॉक में स्थित खामडीह गांव का भैरव बाबा मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि रहस्यों का भंडार भी है. यहां स्थापित भैरव बाबा की मूर्ति को लेकर कहा जाता है कि इसे आज तक कोई हिला नहीं सका, उठाना तो दूर की बात है. यह प्रतिमा 10वीं-11वीं शताब्दी के बीच की मानी जाती है. अपनी विशालता, दिव्यता और विचित्र विशेषताओं के चलते लाखों भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

इतिहासकार असद खान के अनुसार, यह प्रतिमा विंध्य क्षेत्र में पाई जाने वाली अन्य मूर्तियों से अलग है. जहां भैरव बाबा सामान्यतः रौद्र रूप में पूजे जाते हैं, वहीं यहां उनकी प्रतिमा एक शांत और हंसमुख रूप में है, जो पूरे भारत में दुर्लभ है. सबसे बड़ी बात, यह मूर्ति जिस पत्थर से बनी है, वह पत्थर इस पूरे क्षेत्र में कहीं भी नहीं मिलता, जो इसे और भी रहस्यमयी बना देता है.

प्रतिमा की लंबाई 8.50 मीटर और चौड़ाई 3.70 मीटर है. दाएं हाथ में रुद्राक्ष माला, ऊपरी हाथ में सर्प, निचले हाथ में कलश और कमर पर सिंह मुख अंकित है. गले में लिपटी रुद्राक्ष माला इसे दिव्यता प्रदान करती है. यह प्रतिमा आज भी अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई है, कितने ही प्रयास विफल रहे.

Add News18 as
Preferred Source on Google

1964 के मध्य प्रदेश पुरातत्व अधिनियम के तहत यह प्रतिमा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित की जा चुकी है. इसे नुकसान पहुंचाने पर तीन साल की जेल और आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है. मंदिर परिसर में जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए गए हैं.

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव का रक्षक रूप हैं, जो भय से मुक्ति और बुरी शक्तियों से रक्षा करते हैं. आचार्य कृष्णकांत द्विवेदी कहते हैं, जो भक्त भैरव की सच्चे मन से पूजा करता है, उसे जीवन में किसी चीज़ का डर नहीं रहता.

सरकार द्वारा हाल ही में 1.65 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया गया है. इससे यह स्थान एक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है.

हाल ही में गुढ़ में भैरवनाथ मंदिर के लोकार्पण और जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि उज्जैन के महाकाल लोक और निवाड़ी के रामराजा लोक के बाद अब प्रदेश में काल भैरव लोक का निर्माण किया जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र भी राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के बड़े नक्शे पर स्थापित होगा.

जब से मंदिर का उद्घाटन हुआ है, मंदिर का सौंदर्यीकरण हो गया है, यहां पर्यटकों का आगमन ज्यादा हो रहा है. शांत वातावरण में घूमना आपको भी पसंद है तो रीवा का ये भैरवनाथ मंदिर आपके लिए बेस्ट जगह हो सकती है.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *