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Risks During Changing Weather: मौसम बदलने पर वायरल इंफेक्शन का कहर बढ़ जाता है. बड़ी संख्या में लोग सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की चपेट में आ जाते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो बदलते मौसम में लोगों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए और इम्यूनिटी मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए. पहले से बीमारियों से जूझ रहे मरीज फ्लू वैक्सीन भी लगवा सकते हैं.
बदलते मौसम में बीमारियों का कहर बढ़ जाता है.
Tips To Prevent Seasonal Diseases: उत्तर भारत में सर्दी का मौसम धीरे-धीरे विदा हो रहा है. कई जगहों पर तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. आने वाले कुछ सप्ताह में तापमान बढ़ने की संभावना है. इस बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही करने से लोग बीमार पड़ जाते हैं. कभी अचानक ठंड बढ़ जाना, तो कभी तेज गर्मी जैसा उतार-चढ़ाव शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है. डॉक्टर्स के अनुसार मौसम बदलते समय कुछ बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में सभी को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए और अपनी इम्यूनिटी को बूस्ट करने की कोशिश करनी चाहिए.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि मौसम में बदलाव से सर्दी, खांसी और वायरल इंफेक्शन का कहर बढ़ जाता है. तापमान में बदलाव से शरीर को खुद को ढालने में समय लगता है, जिससे वायरस आसानी से हमला कर सकते हैं. इस दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि वायरल इंफेक्शन भीड़भाड़ में तेजी से फैलते हैं. बैक्टीरियल इंफेक्शन भी बदलते मौसम में बढ़ जाते हैं.
डॉक्टर ने बताया कि जब मौसम बदलता है, तो उसका असर एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियां से जूझ रहे मरीजों पर पड़ता है. हवा में नमी, धूल और परागकण बढ़ने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है. दरअसल फरवरी-मार्च में तेज हवा चलती है और धूल बहुत उड़ती है, जिसका असर सांस के मरीजों पर पड़ता है. ऐसे में लोगों को मास्क का उपयोग करना चाहिए, घर को साफ रखना चाहिए और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं को नियमित रूप से लेना चाहिए.
मौसम बदलने पर पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे- अपच, डायरिया और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ जाता है. बदलते मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और ज्यादा देर तक रखा हुआ खाना खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं. इस मौसम में साफ पानी पीना चाहिए और बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा तापमान में उतार-चढ़ाव का असर जोड़ों पर भी पड़ता है. आर्थराइटिस के मरीजों के जॉइंट्स में अकड़न और दर्द बढ़ सकता है. ऐसे में हल्का व्यायाम, गर्म पानी से सिकाई और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने से इस परेशानी में राहत मिल सकती है.
एक्सपर्ट के मुताबिक बदलते मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे- खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है. मौसम में नमी बढ़ने से त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस जल्दी पनपते हैं. इस मौसम में स्किन को साफ और सूखा रखना, पसीने के बाद कपड़े बदलने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. मौसम बदलने के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखकर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें