रांची : झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली अंजली एक निजी एयरलाइंस कंपनी में क्रू मेंबर का काम करती थी, लेकिन उन्होंने कई बार अपनी यात्रा के दौरान कई विदाई होती दुल्हन को काफी परेशान होते हुए देखा है. कभी मैचिंग ज्वैलरी, तो कभी मैचिंग मांग टिका, तो कभी सैंडल का. इसके बाद उन्होंने दुल्हन की आउटफिट व मैचिंग एसेसरीज का बिजनेस शुरू कर दिया. आज वह अपना बिजनेस शुरू कर अच्छा खासा पैसा कमा रही हैं.
यहां है दुल्हन के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन
अंजली ने दुल्हन के लहंगे से मैच करता हुआ हर एक ज्वेलरी से लेकर हर एक चीज मैच करने का काम किया. आज आलम यह है की दुल्हन बस अंजलि के पास आती हैं और उनकी सारी प्रॉब्लम को सॉल्यूशन उनके पास ही हो जाता है. आज उनके पास लहंगा का मैचिंग पर्स भी मिल जाएगा. अंजलि बताती हैं कि दुल्हन के सारे प्रॉब्लम का सॉल्यूशन उनके पास मौजूद है.
दुल्हन की हर परेशानियों का उनके पास है हल
अंजली बताती हैं कि वह क्रू थी, तो उन्होंने देश के लगभग हर कोने में ट्रेवल किया है. ऐसे में उन्होंने दुल्हन के पहनावे को बहुत ही नजदीक से देखा है. वह जानती हैं कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोग क्या पहनते हैं. उन्होंने अपने इस नॉलेज को अपना हथियार बनाया और देश के कोने- कोने की दुल्हन आज उनकी क्लाइंट बन चुकी हैं.
अंजली ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान देखा कि कैसे साउथ इंडियन साड़ी पहनती हैं, तो कैसे नॉर्थ इंडिया व कश्मीर के लोग कैसे पहनते हैं. इन सब चीजों को उन्होंने बड़े गौर से देखा करती थी. क्योंकि इन सब चीजों उनकी दिलचस्पी भी थी. ऐसे में उन्होंने सोचा क्यों ना यह 9 से 5 का जॉब छोड़कर कुछ अपना किया जाए. फिर नौकरी छोड़कर उन्होंने अपना लॉन्च कर डाला.
देश के कोने-कोने में उनके क्लाइंट
उन्होंने बताया कि हमारे क्लाइंट देश के कोने-कोने में हैं. इंस्टाग्राम के माध्यम से उन्हें अच्छा खासा ऑर्डर आता है और हम उसे पैन इंडिया लेवल पर डिलीवर करते हैं. इसके लिए वह सबसे पहले ऑनलाइन वीडियो कॉल में दुल्हन से बात करती हैं और जानने की कोशिश करती हैं कि उन्हें क्या चाहिए और फिर उनके आउटपुट से मैचिंग जूती से लेकर पर हर एक चीज उनके हिसाब से तैयार करती हैं. आज इस बिजनेस को किए 3 साल हो गए हैं.
लगन सीजन में टाइम नहीं
अंजली बताती हैं खासतौर पर लगन के सीजन में उनके पास बिल्कुल भी टाइम नहीं होता है. ऐसे ऑफ सीजन में भी उनके पास डिमांड आते हैं. वह सारी चीज हम फैब्रिक से लेकर हर एक चीज हाई क्वालिटी का इस्तेमाल करते हैं और रांची या फिर कोलकाता से जाकर होलसेल से फैब्रिक लेने का काम करती हैं. वह क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करती हैं. ऐसे में आज वह आराम से महीने की 40 से 50 हजार तक कमाई कर रही हैं.
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