Ramadan 2026: रमजान का 23वां रोजा 13 मार्च को, रोजेदार देखें अपने शहर अनुसार सहरी-इफ्तार का समय

Ramadan 2026 23th Roza Sehri Iftar Time: इस्लाम का पवित्र महीना रमजान दुनियाभर के मुसलमानों के लिए बहुत ही खास होता है. रमजान में रोजा, इबादत, जकात और नमाज का महत्व है. वैसे तो रमजान का हर दिन पाक और इबादत वाला होता है, लेकिन जैसे-जैसे रमजान अपने आखिरी दस दिनों में पहुंचता है, वैसे-वैसे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है.

रमजान का 23वां रोजा भी इन्हीं खास दिनों में है, जब मुसलमान ज्यादा से ज्यादा इबादत और दुआ में वक्त बिताते हैं. इस्लाम में तेईसवें रोजा को दोजख से निजात का रास्ता बताया गया है.

शुक्रवार 13 मार्च 2026 को रमजान का तईसवां रोजा रखा जाएगा. रमजान में हर दिन की शुरुआत सहरी से होती है और पूरे दिन रोजा रखने के बाद शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. रोजा मुकम्मल होने के लिए सही समय पर सहरी और इफ्तार करना बेहद जरूरी होता है. इसलिए रोजेदार जान लें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कानपुर, चैन्नई समेत अपने शहर के सहरी-इफ्तार का समय (13 March 2026 Sehri-Iftar Timing). 

शहर का नाम (City Name)  सेहरी समय (13 March Sehri Timing)  इफ्तार समय (13 March Iftar Timing)
दिल्ली (Delhi) 05:14 AM 06:29 PM
नोएडा (Noida) 05:14 AM 06:29 PM
चेन्नई (Chennai) 05:06 AM 06:20 PM
लखनऊ (Lucknow) 05:00 AM 06:15 PM
पुणे (Pune) 05:31 AM 06:45 PM
मुंबई (Mumbai) 05:35 AM 06:49 PM
हैदराबाद (Hyderabad) 05:13 AM 06:27 PM
कोलकाता (Kolkata)  04:32 AM 05:56 PM
पटना (Patna) 04:44 AM 05:58 PM
भुवनेश्वर (Bhuvneshwar) 04:43 AM 05:57 PM
जयपुर (Jaipur) 05:21 AM 06:35 PM
इंदौर (Indore) 05:22 AM 06:36 PM
बेंगलुरु (bengaluru) 05:17 AM 06:31 PM
अहमदाबाद (Ahmadabad) 05:35 AM 06:49 PM
सूरत (Surat) 05:34 AM 06:48 PM
कानपुर (Kanpur) 05:03 AM 06:17 PM
जम्मू (Jammu) 05:21 AM 06:38 PM
चंडीगढ़ (Chandigarh) 05:15 AM 06:31 PM
रांची (Ranchi) 04:44 AM 05:58 PM

सहरी और इफ्तार में रोजेदार इन बातों का ध्यान रखें

  • सहरी के समय शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए रोजेदार सहरी में पर्याप्त पानी पीएं.
  • इस्लामिक परंपरा के अनुसार, रोजा खोलते समय खजूर और पानी से इफ्तार करना सुन्नत माना जाता है. इसलिए इसे प्राथमिकता दें. इसके साथ ही आप अन्य खाद्य पदार्थ भी इफ्तार में शामिल कर सकते हैं.
  • इफ्तार के बाद नमाज और तरावीह पढ़ने का खास महत्व है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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