Last Updated:
कहते हैं कि कुछ फूल सीधे स्वर्ग से धरती पर आए हैं, और उनमें सबसे खास हैं अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी. ये फूल न सिर्फ दिखने में खूबसूरत और खुशबूदार हैं, बल्कि धार्मिक मान्यता और औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं. आइए जानते हैं इन तीनों फूलों की खासियत और महत्व….
अपराजिता को आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है. इसके फूल नीले और सफेद रंग के होते हैं और देखने में बेहद सुंदर लगते हैं. माना जाता है कि यह फूल घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है. इसकी बेल बहुत तेजी से बढ़ती है और बगीचे को हरियाली से भर देती है.

इस फूल की जड़, पत्ते और फूल सभी औषधि में इस्तेमाल होते हैं. अपराजिता की चाय या काढ़ा पीने से आंखों की रोशनी बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद मिलती है. पूजा-पाठ में भी इसे शुभ माना जाता है.

पारिजात को हरसिंगार भी कहा जाता है और यह रात में खिलकर सुबह जमीन पर गिर जाता है. सफेद पंखुड़ियों और केसरिया डंठल वाले इस फूल की खुशबू इतनी मनमोहक होती है कि आस-पास का माहौल महका देती है. हिंदू मान्यता के अनुसार पारिजात भगवान कृष्ण की प्रिय वस्तु है और इसे अमरता का प्रतीक माना जाता है.

पारिजात के पेड़ को मंदिरों के आंगन में लगाना बेहद शुभ माना जाता है. इसकी पत्तियों और फूलों का इस्तेमाल पूजा में होता है. आयुर्वेद में भी पारिजात की पत्तियों को बुखार और जोड़ों के दर्द में लाभकारी बताया गया है.

मधुकामिनी एक ऐसा पौधा है जिसके फूल दिन-रात महकते रहते हैं. यह सदाबहार झाड़ी जैसे पौधे की श्रेणी में आता है और 5 से 15 फीट तक बड़ा हो सकता है. नारंगी जैसी खुशबू के कारण इसे ऑरेंज जैस्मीन भी कहा जाता है. वास्तु के अनुसार, मधुकामिनी घर में खुशियां और सकारात्मक ऊर्जा लाती है.

मधुकामिनी के सिर्फ 2 पत्ते उबालकर पीने से सांस संबंधी रोगों में काफी फायदा होता है और गला साफ हो जाता है. इसके फूल बेडरूम में रखने से दांपत्य जीवन सुखी रहने की मान्यता है. पत्तियों का प्रयोग विवाह मंडपों की सजावट में भी शुभ माना जाता है.

अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी ये तीनों फूल न सिर्फ सुंदरता और खुशबू का प्रतीक हैं, बल्कि धार्मिक और औषधीय महत्व भी रखते हैं. इन्हें घर या बगीचे में लगाने से वातावरण शुद्ध और मन प्रसन्न रहता है. इनका उल्लेख कई पौराणिक कथाओं और लोककथाओं में भी मिलता है.

ये तीनों फूल हमें प्रकृति का अनमोल तोहफा हैं. जहां अपराजिता मानसिक शांति देती है, पारिजात आध्यात्मिक सुख प्रदान करता है, और मधुकामिनी घर-आंगन को महकाने के साथ सेहत भी सुधारती है. इन पौधों को लगाना आसान है और देखभाल भी कम चाहिए, इसलिए हर घर में इन्हें होना चाहिए.