पदोन्नति नियम उलझे पर सीआर लिखने का टाइम तय: 30 जून तक सेल्फ एसेसमेंट दे सकेंगे कर्मचारी, समय पर रिपोर्ट नहीं लिखी तो अफसरों पर होगा एक्शन – Bhopal News


लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 लागू करने के बाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारियों, अधिकारियों की सीआर (गोपनीय चरित्रावली) लिखने की समय सीमा तय कर दी है। विभाग ने पदोन्नति से संबंधित प्रक्रिया शुरू होने के पहले प्रतिवेदक अधिकारी (रिपोर्टिंग ऑफिसर) और समीक्षक अधिकारी (रिव्यू ऑफिसर) के लिए टाइम लिमिट तय कर दी है। यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पदोन्नति नियमों के विरोध में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और जल्दी ही इसको लेकर कोर्ट का फैसला आने वाला है। इस मामले में समय सीमा का पालन न करने वाले अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्त और कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) लिखने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर रहेगी और इसी स्थिति में सभी एसीआर फाइनल मानी जाएगी। सेल्फ असेसमेंट अवधि में वृद्धि होने से उतने ही दिनों में सभी स्तरों पर टाइम लिमिट बढ़ाई जाएगी तो भी 31 दिसंबर अंतिम तिथि ही होगी। निर्देशों में कहा गया है कि स्व मूल्यांकन के लिए अंतिम तिथि 30 जून एवं सभी स्तर पर संबंधित अधिकारी के अभिमत दर्ज किए जाने के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर रहेगी। दो माह में अभिमत दर्ज करेंगे रिपोर्टिंग अधिकारी सीआर लिखने के लिए रिपोर्टिंग अधिकारी एवं स्वीकारकर्ता अधिकारी के लिए दो माह तथा समीक्षक अधिकारी के लिए एक माह की समय सीमा होगी। इसमें यह भी साफ किया गया है कि 31 दिसंबर के बाद दर्ज होने वाले प्रतिवेदन को समय बाधित माना जाएगा। अगर संबंधित अधिकारी कर्मचारी ने अपना स्व मूल्यांकन तय समय 30 जून तक प्रस्तुत नहीं किया है तो उसे भी समय बाधित माना जाएगा और इसकी सील प्रतिवेदन पर लगायी जाएगी। प्रतिवेदक अधिकारी भी अपना प्रतिवेदन बिना स्व मूल्यांकन कर लिखेंगे। यदि संबंधित अधिकारी अपना स्व मूल्यांकन कर दिया है परंतु उस पर किसी भी स्तर पर अभिमत 31 दिसंबर तक नहीं हो पाता है तो कोई भी टिप्पणी अभिलिखित नहीं की जा सकेगी और ऐसी स्थिति इन सभी स्तरों पर मूल्यांकन को समय बाधित माना जाएगा। सीआर से संतुष्ट नहीं तो एक माह में दे सकेंगे अभ्यावेदन ऐसे मामलों में संबंधित पदोन्नति समिति द्वारा अधिकारी कर्मचारी की सभी अभिलेख और संबंधित वर्ष की स्व मूल्यांकन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी कहा है कि अगर संबंधित अधिकारी कर्मचारी अपनी सीआर से संतुष्ट नहीं है तो वह एक माह के भीतर अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अभ्यावेदन न प्रस्तुत करने की स्थिति में वार्षिक चरित्रावली अंतिम मान ली जाएगी। अगर गोपनीय प्रतिवेदन नहीं लिखने वाले प्रतिवेदक, समीक्षक, स्वीकारकर्ता अधिकारियों से विलंब के लिए उत्तरदायित्व निर्धारण किया जाकर संबंधित दोषी अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसके बाद अपने प्रतिवेदन में इसका उल्लेख किया जाएगा। ऐसा रहेगा रिपोर्टिंग टाइम .

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