10 कट्टे में ₹1000000 का मुनाफा: दोस्त के आइडिया ने बदल दी सुबोध की जिंदगी

हजारीबाग: झारखंड में हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड के आर्य नगर के रहने वाले सुबोध कुमार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. जिले भर में वह मशरूम किंग के नाम से जाने जाते हैं. सीमित संसाधनों से शुरुआत कर मेहनत, लगन और सही प्रशिक्षण के बल पर सुबोध कुमार ने मशरूम की खेती को न सिर्फ अपना रोजगार बनाया है. बल्कि इसे सफलता की नई मिसाल भी बना दिया है. आज वह बड़े पैमाने पर मशरूम उत्पादन कर रहे हैं, जिसमें खास तौर पर बटन मशरूम की खेती शामिल है.

दोस्त की सलाह पर शुरू किया बिजनेस

सुबोध कुमार ने लोकल 18 से बताया कि उनकी शैक्षणिक पढ़ाई स्नातक तक पूरी हुई थी, लेकिन पढ़ाई के काफी प्रयास के बावजूद उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिली. लंबे समय तक भटकने के बाद वह निराश होने लगे थे. इसी दौरान उनके एक मित्र ने उन्हें मशरूम की खेती के बारे में जानकारी दी और कृषि विज्ञान केंद्र हजारीबाग से प्रशिक्षण लेने की सलाह दी थी. मित्र की इस सलाह ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी. सुबोध कुमार ने साल 2008 में कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया और उसी साल से खेती की शुरुआत कर दी.

घर के कमरे से शुरू की थी मशरूम की खेती

इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी. उन्होंने छोटे स्तर पर अपने घर के एक कमरे से मशरूम उत्पादन शुरू किया. सीमित पूंजी, कम संसाधन और अनुभव की कमी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उन्होंने तकनीक सीखी, बाजार की मांग को समझा और गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया. मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज वह करीब 10 कट्टे के बड़े फार्म में मशरूम की खेती कर रहे हैं. उनके फार्म से नियमित रूप से बटन मशरूम का उत्पादन होता है, जिसकी जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी मांग है.

सालाना है 10 का मुनाफा

सुबोध कुमार की मेहनत अब उन्हें सालाना 10 लाख रुपये से अधिक की आमदनी दे रही है. वह न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने हैं. बल्कि कई अन्य किसानों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं. उनके फार्म को देखने और मशरूम की खेती के गुर सीखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. कई युवा उनसे मार्गदर्शन लेकर इस क्षेत्र में कदम रख रहे हैं.

बिना ट्रेनिंग के न करें मशरूम की खेती

सुबोध कुमार ने नए किसानों को अहम सलाह भी दी. उन्होंने कहा कि किसान अगर पारंपरिक खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन को अपनाएं तो वे अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना प्रशिक्षण मशरूम की खेती शुरू करना नुकसानदायक हो सकता है. मशरूम एक संवेदनशील फसल है, जिसके लिए तापमान, नमी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. इसलिए इच्छुक किसानों को सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए.

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