प्रसाद बेचने वाले की बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर, प्रिया अग्रवाल की 6वीं रैंक

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Satna News: MPPSC परीक्षा में सफल हुईं प्रिया अग्रवाल ने लोकल 18 से कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका सपना पूरा हो गया है. वह 2018 से लगातार परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. इस बीच कई बार असफल हुईं लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.

सतना. मध्य प्रदेश के सतना जिले के बिरसिंहपुर में आज एक कहानी गूंज रही है. संघर्ष, सपना और अटूट हौसले की कहानी. नारियल और प्रसाद बेचने वाले विजय अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल ने वो कर दिखाया, जो कई लोगों के लिए सपना ही रह जाता है. प्रिया ने अपने छठवें प्रयास में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC Result) परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बनने का गौरव हासिल किया है. प्रदेश में छठवीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. बिरसिंहपुर के एक छोटे से परिवार में जन्मीं प्रिया अग्रवाल का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा. उनके पिता विजय अग्रवाल मंदिर के बाहर नारियल और प्रसाद बेचते हैं और मां गृहिणी हैं.

परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी लेकिन प्रिया के सपने बहुत बड़े थे. उन्होंने सरकारी कन्या विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की और फिर उच्च शिक्षा के लिए इंदौर का रुख किया. होलकर कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का निर्णय लिया और कौटिल्य एकेडमी से कोचिंग शुरू की.
प्रिया अग्रवाल ने असफलताओं से सीखा
प्रिया अग्रवाल का यह सफर आसान नहीं रहा. लगातार प्रयासों के बावजूद उन्हें शुरुआती वर्षों में सफलता नहीं मिली लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि वह हार नहीं मानेंगी. साल 2021 में तीसरे प्रयास में उनका चयन श्रम अधिकारी के पद पर हुआ. यही से उनकी वास्तविक यात्रा शुरू हुई. रीवा में श्रम अधिकारी के पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी. परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने कभी अपने सपने को पीछे नहीं छोड़ा. छठवें प्रयास में आखिरकार उन्हें सफलता मिली और वह डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुईं.

मां की आंखों में खुशी के आंसू
बेटी की इस कामयाबी से विजय अग्रवाल के घर में खुशी का माहौल है. हर कोई प्रिया की मेहनत और लगन की तारीफ कर रहा है. पिता विजय अग्रवाल ने लोकल 18 से कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, भले ही परिस्थितियां कठिन रहीं. वहीं मां की आंखों में खुशी के आंसू थे.

हार मत मानो, कोशिश जारी रखो: प्रिया अग्रवाल
लोकल 18 से खास बातचीत में प्रिया अग्रवाल ने कहा कि उन्हें आज भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका सपना पूरा हो गया है. वह साल 2018 से लगातार एमपीपीएससी की तैयारी कर रही थीं और इस बीच कई बार असफल हुईं लेकिन कभी हार नहीं मानी. उन्होंने कहा कि अगर आप सच्चे दिल से मेहनत करते हैं और लगातार प्रयास करते रहते हैं, तो निश्चित रूप से एक दिन सफलता आपके कदम चूमेगी.

इस सफलता के साथ प्रिया अग्रवाल ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं. बिरसिंहपुर की यह बेटी आज पूरे मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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प्रसाद बेचने वाले की बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर, प्रिया अग्रवाल की 6वीं रैंक

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