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Success Business Idea: गांवों में युवा तेजी से मुर्गी पालन को बिजनेस बना रहे हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि सालभर में सिर्फ चार महीने ही इस काम के लिए बेस्ट होते हैं. जिससे चूजों की ग्रोथ बेहतर होती है और मुनाफा भी ज्यादा .
बेगूसरायः प्रदेश के गांवों में युवा अब तेजी से मुर्गी पालन को एक आकर्षक व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं. पहले जहां इसे केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित समझा जाता था. वहीं अब युवा उद्यमी प्रोफेशनल तरीके से फार्मिंग करके लाखों की कमाई कर रहे हैं. हालांकि, जानकारी के अभाव, खासकर मौसम की सही समझ न होने के कारण, यह फायदेमंद सौदा अक्सर घाटे में बदल जाता है. बेगूसराय के खुदावंदपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन विशेषज्ञ डॉ.विपिन कुमार ने बताया है कि साल के कुछ खास महीने इस व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल होते हैं, जिनमें निवेश करके नुकसान से बचा जा सकता है.
डॉ.विपिन कुमार के अनुसार, मुर्गी पालन शुरू करने के लिए साल में चार महीने सबसे बेहतर माने जाते हैं. इन महीनों में निवेश करने से सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है. पहला सितंबर और अक्तूबर और दूसरा फरवरी और मार्च.
क्यों हैं ये महीने सबसे अनुकूल?
डॉ. विपिन ने बताया कि इन महीनों के दौरान मौसम चूजों के विकास के लिए सबसे आदर्श होता है. औसत तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. जो न तो अधिक गर्म होता है और न ही बहुत ठंडा. इस अनुकूल वातावरण में चूजों की वृद्धि दर अच्छी होती है और मृत्यु दर कम रहती है. जिससे छोटी-मोटी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण नहीं बनती. इस दौरान फार्म में वेंटिलेशन के लिए एग्जॉस्ट का सही इस्तेमाल करके चूजों को और भी आरामदायक माहौल दिया जा सकता है.
अन्य महीनों में नुकसान का खतरा क्यों?
डॉ.विपिन सलाह देते हैं कि अत्यधिक गर्मी और ठंड के महीनों में नए सिरे से मुर्गी पालन शुरू करने से बचना चाहिए. भीषण गर्मी में चूजों को ‘हीट स्ट्रेस’ का खतरा होता है, जबकि कड़ाके की ठंड में उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर पड़ जाती है. इन दोनों ही स्थितियों में चूजों की मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है, जिसका सीधा आर्थिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है. इसलिए मौसम बदलते ही पोल्ट्री फार्म में प्रबंधन के तरीके भी बदलने चाहिए. अंततः, मुर्गी पालन व्यवसाय में सफलता काफी हद तक सही समय पर निवेश करने पर निर्भर करती है.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें
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