गरीबों का फ्रिज, 45 डिग्री में चकाचक देगा ठंडा पानी! बिजली की जरूरत नहीं, कीमत बेहद कम

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Desi Fridge: MP के खरगोन में भीषण गर्मी के बीच एक देसी जुगाड़ लोगों को राहत दे रहा है. बिना बिजली चलने वाला यह छागल पानी को फ्रिज से भी ज्यादा ठंडा कर देता है. सिर्फ कुछ रुपए में मिलने वाला यह देसी फ्रिज आज भी गांवों की पहली पसंद बना हुआ है. खेतों में किसानों से लेकर छोटे व्यापारी और यात्री भी इसे इस्तेमाल करते है. 

खरगोन में गर्मी का असर मार्च महीने से दिखाई देने लगा है. यहां तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. लोग ठंडे पानी के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. शहरों में जहां फ्रिज और वॉटर कूलर आम हैं, तो वहीं गांवों में आज भी पुराने देसी उपाय लोगों के काम आ रहे हैं. इन्हीं में से एक है छागल, जिसे यहां के लोग देसी फ्रिज कहते हैं.

खरगोन जिले में किसानों से लेकर छोटे व्यापारियों तक के पास आज भी छागल आसानी से देखा जा सकता है. दिखने में यह एक साधारण कपड़े की थैली जैसा होता है, लेकिन इसकी खासियत इसे सबसे अलग बनाती है. बिना बिजली के यह पानी को इतना ठंडा कर देता है कि लोग इसे फ्रिज से भी बेहतर मानते हैं.

छागल की सबसे खास बात ये कि इसमें ठंडा पानी भरने की जरूरत नहीं होती. अगर इसमें सामान्य या हल्का गर्म पानी भी भर दिया जाए, तो कुछ ही समय में वह ठंडा हो जाता है. तेज गर्मी में भी यह पूरे दिन पानी को ठंडा बनाए रखता है, इसलिए इसे चलता-फिरता फ्रिज भी कहा जाता है.

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खरगोन में यह छागल काफी सस्ती कीमत पर मिल जाता है. छोटे साइज का छागल करीब 70 से 150 रुपये में मिल जाता है, जबकि बड़े साइज की कीमत 300 रुपये तक जाती है. एक बार खरीदने के बाद यह पूरे साल आसानी से चल जाता है, जिससे यह गरीब और मजदूर वर्ग के लिए बेहद उपयोगी बन जाता है.

इस छागल को खास तरह के मोटे और झरझरे सूती कपड़े से बनाया जाता है. इसमें पानी भरने के बाद इसे बाहर से गीला किया जाता है और फिर खुली हवा और धूप में टांग दिया जाता है. जैसे-जैसे पानी सूखता है, वह गर्मी को अपने साथ खींच लेता है, जिससे अंदर का पानी ठंडा होने लगता है.

खेतों में काम करने वाले किसान आज भी छागल को अपने साथ रखते हैं. वे घर से पानी भरकर ले जाते हैं और खेत में किसी पेड़ की डाल पर इसे टांग देते हैं. हवा लगते ही पानी ठंडा होने लगता है और पूरे दिन राहत देता है. यही वजह है कि तेज धूप में काम करने वालों के लिए यह सबसे भरोसेमंद साधन है.

किसानों का कहना है कि बाजार में मिलने वाली ठंडी पानी की बोतल कुछ ही देर में गर्म हो जाती है, जबकि छागल का पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है. साथ ही, इसका पानी शरीर के लिए भी बेहतर माना जाता है, इसलिए आज भी गर्मी के मौसम में यह देसी फ्रिज लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.

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