सागर में पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट लेट, 100 करोड़ के रविदास मंदिर में इतना काम अधूरा, CM करेंगे दौरा!

Sagar News: सागर में विश्व का सबसे बड़ा संत रविदास मंदिर बन रहा है, जिसके निर्माण कार्य की डेडलाइन 31 मार्च रखी गई है. 101 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है. मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद यहां पर संत रविदास संप्रदाय को मानने वाले देश-दुनिया के लोग आएंगे, जिसकी वजह से यह पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है. इतना ही नहीं, यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है, जब वह भूमि पूजन करने आए थे, तब ही उन्होंने घोषणा कर दी थी कि वह काम पूरा होने के बाद लोकार्पण करने के लिए भी आएंगे. हालांकि, अब भी मंदिर कार्य अपने तय समय से 4 महीने देरी से चल रहा है.

1 फरवरी को संत रविदास जयंती पूरे हर्ष उल्लास के साथ मनाई जाएगी. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी 1 फरवरी को सागर प्रवास पर रहेंगे. वह संत रविदास मंदिर निर्माण कार्य को देखने के लिए पहुंच सकते हैं. मंदिर में इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर तैयारी में जुटे हुए हैं. मुख्यमंत्री के आने की संभावना को देखते हुए जो कार्य पूरे हो गए हैं, उनको फाइनल फिनिशिंग दिए जाने का कार्य चल रहा है. भव्य मंदिर और संग्रहालय आस्था के साथ-साथ देश-दुनिया के लोगों को भारत की महान संत परम्परा की विचारधारा और संतसिरोमणि रविदासजी के जीवन से परिचित कराने वाला अद्भुत केंद्र बनेगा.

2000 साल पुरानी नागर शैली में बन रहा मंदिर
यहां पर संग्रहालय, भक्त निवास, डॉरमेट्री, रविदास कुंड, लाइब्रेरी, म्यूजियम से लेकर अन्य सभी कार्य लगभग लगभग पूरे हो चुके हैं. विशेषतौर पर 2000 साल पुरानी नागर शैली से जो मंदिर निर्माण किया जा रहा है, उसका ही 20% कार्य रह गया है. यह मंदिर बंसी पहाड़ के खास लाल पत्थरों से तैयार किया जा रहा है. राजस्थान और यूपी के कारीगरों द्वारा इसको बनाया जा रहा है. ढाई साल से 200 से अधिक लेबर और कारीगर यहां पर काम कर रहे हैं. इस मंदिर में लोहा और सीमेंट का उपयोग नहीं किया जा रहा है. मंदिर की ऊंचाई 66 फीट रहेगी. मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का रोड से 5 फीट ऊंचा फाउंडेशन बनने के बाद नक्काशीदार पत्थरों के 72 पिलर लगाए गए हैं. इन पिलर्स पर मंदिर का ऊपरी ढांचा खड़ा किया जाएगा.

मंदिर में इतना कुछ
बड़तूमा सागर में कुल 11 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर प्रांगण में 9 हजार वर्गफीट में मंदिर निर्माण, 15 हजार वर्गफीट में म्यूजियम, 11 हजार वर्गफीट में 100 बिस्तरों वाली डॉर्मेटरी, 12 हजार वर्गफीट में 12 कमरों वाला भक्त निवास, लगभग 10 हजार वर्गफीट एरिया में लाइब्रेरी और संगत हॉल, 2152 वर्गफीट एरिया में कैफेटेरिया, 2905 वर्गफीट में हॉली जल कुंड, 538 वर्गफीट एरिया में गजीवो निर्माण किया गया है.

तेजी से बढ़े आसपास की जमीनों के दाम
यह मंदिर नेशनल हाईवे 44 से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसे में यहां आना घूमने बेहद सुविधाजनक रहेगा. मंदिर निर्माण के बाद यह पर्यटन का बड़ा केंद्र उभर कर सामने आएगा. इसकी वजह से टैक्सी ड्राइवर से लेकर होटल रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, आवासीय कॉलोनी जैसी चीजों की बढ़ने से आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव देखने को मिलेगा. फिलहाल, यहां पर जमीनों के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली है. 3 साल पहले तक ₹100 स्क्वायर फीट में यहां पर जमीन बिकती थी, लेकिन अब इसकी कीमत 20000 रुपये स्क्वायर फीट हो गई है.

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