नई दिल्ली1 घंटे पहले
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए अगली किस्त फरवरी के आखिरी हफ्ते से लेकर मार्च 2026 के बीच खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है।
इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तें साल में (कुल 6000 रुपए) दी जाती हैं। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाती है।
eKYC नहीं कराया तो अटक सकता है पैसा पोर्टल के मुताबिक, सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC कराना अनिवार्य है। अगर आपकी eKYC पेंडिंग है, तो किस्त रुक सकती है। किसान खुद PM किसान पोर्टल पर जाकर OTP के जरिए eKYC कर सकते हैं या पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से इसे पूरा करवा सकते हैं।

नवंबर में आई थी 21वीं किस्त, अब अगली का इंतजार PM किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी। नियम के मुताबिक, हर चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की किस्त दी जाती है। इस हिसाब से अगली किस्त का समय फरवरी-मार्च 2026 बैठ रहा है।
PM-किसान योजना 2019 में शुरू हुई थी PM-Kisan योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। अभी देशभर में 9 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
किसानों की कम आय को बढ़ाना योजना का मुख्य मकसद इस योजना की शुरुआत छोटे किसानों की आय को बढ़ाने के लिए की गई है। इससे वे खेती में बेहतर निवेश कर सकें, बीज, खाद और मशीनें खरीद सकें, और परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें। यह पूरी तरह से केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें सारा पैसा सरकार देती है।
किसे मिलती है यह मदद? योजना कहती है कि सभी भूमि धारक किसान परिवारों को यह लाभ मिल सकता है। यहां ‘परिवार’ का मतलब है पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे। लेकिन कुछ लोग बाहर रहते हैं, ताकि मदद सही हाथों में पहुंचे। जैसे:
- अगर कोई संस्था या कंपनी के नाम पर जमीन है, तो नहीं।
- पूर्व या मौजूदा मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर या जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे बड़े पद वाले लोग बाहर।
- सरकारी अधिकारी या कर्मचारी नहीं ले सकते।
- जिनकी पेंशन 10,000 रुपये से ज्यादा है, वे भी बाहर।
- आयकर भरने वाले, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर लोग नहीं।
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