जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत ने यह तो साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश में दवाओं की जांच और निगरानी का पूरा सिस्टम बीमार है। भास्कर ने सैंपलिंग में देरी की वजह की पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। प्रदेश में सालभर में 40 हजार दवाओं के सैंपल क
.
भोपाल की ईदगाह हिल्स ड्रग लैब की सालाना क्षमता महज 2 हजार सैंपल की है। जबलपुर और इंदौर की लैब को मिलाकर यह 6 हजार तक पहुंचती है। अभी प्रदेश में 5 हजार सैंपल जांच पेंडिंग हैं। इनमें से कई सैंपल की रिपोर्ट महीनों से अटकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट आने तक दवाओं का पूरा बैच बिक चुका होता है, यानी रिपोर्ट में अगर दवा ‘जहरीली’ भी निकले, तब तक नुकसान हो चुका होता है। यानी दुआ कीजिए कि दवा सही हो। राज्य की तीनों सरकारी लैब में सिर्फ 4 ड्रग एनालिस्ट हैं।
आउटसोर्स के जरिये 12 से 15 सहायक कर्मचारी हैं। एक सैंपल की रिपोर्ट बनाने में औसतन 10 घंटे लगते हैं। यानी एक एनालिस्ट दिनभर में दो से तीन सैंपल ही जांच पाता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक एक लैब में महीनेभर में 100 जांच संभव हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन सैंपलों की जांच के लिए कम से कम 100 सहायक कर्मचारियों की जरूरत है। ड्रग कंट्रोलर एमपी दिनेश श्रीवास्तव के अनुसार, पेंडिंग दवाओं के सैंपल व स्टाफ को बढ़ाया जाएगा। मशीनें अपग्रेड की जाएंगी।
हर ड्रग इंस्पेक्टर को माह में कम से कम 5 सैंपल जांचने जरूरी
- प्रदेश में 96 में से सिर्फ 79 ड्रग इंस्पेक्टर के पद भरे हैं, कई जिलों में सिर्फ एक इंस्पेक्टर के भरोसे पूरा जिला चल रहा है। यह कमी हाल ही में छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले में साफ दिखी, जहां तैनात ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा न तो तमिलनाडु से आई दूषित दवा की पहचान कर पाए, न समय पर स्टॉक जब्त कर सके।
- प्रदेश में करीब 200 दवा व मेडिकल डिवाइस यूनिट और 8 से 10 हजार मेडिकल स्टोर हैं, जिनकी निगरानी की जिम्मेदारी इन्हीं 79 इंस्पेक्टर्स पर है।
- नियमों के मुताबिक हर इंस्पेक्टर को महीने में कम से कम 5 लीगल सैंपल लेना चाहिए, यानी कुल मिलाकर 395 सैंपल जांच के लिए भेजे जाने चाहिए। लेकिन आधी रिपोर्ट भी समय पर नहीं आती, जिससे बिना पुख्ता जांच के दवाएं बाजार में बिक रही हैं।
छिंदवाड़ा आ सकते हैं राहुल गांधी, तारीख का ऐलान जल्द
कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों का दौरा कर सकते हैं, जहां वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। राहुल गुरुवार को विदेश दौरे से लौट रहे हैं। इसके बाद वे पहले रायबरेली जाएंगे। इसके बाद वे मप्र के लिए रवाना हो सकते हैं। मप्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे की तारीख हाईकमान तय करेगा, हम उसके बाद औपचारिक घोषणा करेंगे।
.