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Gardening Tips: फरवरी का महीना गार्डनिंग के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इस दौरान हल्की ठंड और भरपूर धूप पौधों की जड़ों को तेजी से विकसित होने में मदद करती है. कटिंग से पौधे उगाने पर कम समय में अच्छी ग्रोथ मिलती है और पौधे की क्वालिटी भी बनी रहती है. सही पौधों का चयन करने पर गर्मियों तक गार्डन और बालकनी हरियाली व रंग-बिरंगे पौधों से भर सकती है.
फरवरी का महीना गार्डनिंग के शौकीनों के लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं होता. इस समय हल्की ठंड और भरपूर धूप का संतुलन पौधों की नई ग्रोथ के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. खास बात यह है कि फरवरी में लगाई गई कटिंग जल्दी जड़ पकड़ लेती है और कुछ ही महीनों में पौधे घने और आकर्षक रूप में तैयार हो जाते हैं. यही वजह है कि अनुभवी माली इस महीने को सजावटी पौधों की कटिंग लगाने के लिए सबसे बेहतर मानते हैं.

गार्डन एक्सपर्ट्स के अनुसार, कटिंग से पौधे उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बीज की तुलना में कम समय लगता है और पौधे की क्वालिटी भी मूल पौधे जैसी बनी रहती है. फरवरी का मौसम इसके लिए अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मिट्टी ज्यादा ठंडी नहीं होती. ऐसे में जड़ों का विकास तेजी से होता है. अगर सही पौधों का चयन किया जाए, तो गर्मियों के आने तक घर का गार्डन या बालकनी हरियाली और रंग-बिरंगे पौधों से भर सकती है.

इस मौसम में सॉन्ग ऑफ इंडिया एक बेहतरीन विकल्प है. ड्रेसिना परिवार का यह पौधा अपनी पीली-हरी धारियों वाली पत्तियों के लिए जाना जाता है. इसकी 4 से 6 इंच लंबी कटिंग लेकर अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी में लगाई जाती है. इसे बहुत तेज धूप की जरूरत नहीं होती, बल्कि हल्की रोशनी और नमी में यह जल्दी ग्रोथ करता है. घर के अंदर या बालकनी के कोने के लिए यह पौधा काफी पसंद किया जाता है.
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गर्मियों में फूलों से गमले भरने के लिए पोर्टुलाका को फरवरी में लगाना बेहद फायदेमंद रहता है. यह एक सक्युलेंट पौधा है, जो कम पानी में भी अच्छे से पनप जाता है. इसकी 3-4 इंच लंबी टहनी को सीधे मिट्टी में लगाया जा सकता है. ज्यादा पानी देने से बचना जरूरी है, क्योंकि अधिक नमी से इसकी जड़ें खराब हो सकती हैं.सही देखभाल में यह पौधा गर्मियों में रंग-बिरंगे फूलों से भर जाता है.

सक्युलेंट पौधे पसंद करने वालों के लिए जेड प्लांट फरवरी में लगाने के लिए उपयुक्त माना जाता है. इसे सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. जेड प्लांट की पत्ती या टहनी दोनों से नया पौधा तैयार किया जा सकता है. कटिंग लेने के बाद उसे 2–3 घंटे तक छांव में सुखाना जरूरी होता है, जिससे सड़न की समस्या नहीं होती. इसके बाद कटिंग को हल्की, जलनिकास वाली मिट्टी में लगाएं. जेड प्लांट को कम पानी और हल्की धूप की जरूरत होती है. सही देखभाल से यह पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रहता है.

पर्पल हार्ट फरवरी महीने में कटिंग से उगाने के लिए एक आदर्श पौधा माना जाता है. इसकी खूबसूरत बैंगनी पत्तियां धूप में और भी गहरा रंग ले लेती हैं. इसकी छोटी-सी कटिंग को सीधे गमले या जमीन में लगाने पर कुछ ही दिनों में जड़ें निकलने लगती हैं. यह पौधा कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है. पर्पल हार्ट को ग्राउंड कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे गार्डन को एक आकर्षक और अलग लुक मिलता है. हल्की धूप और सामान्य सिंचाई इसके लिए पर्याप्त मानी जाती है.

कोलियस (Coleus) अपनी आकर्षक और रंग-बिरंगी पत्तियों के कारण छायादार स्थानों के लिए बेहतरीन पौधा माना जाता है. इसकी नरम टहनी पानी और मिट्टी दोनों में आसानी से जड़ पकड़ लेती है. गार्डन विशेषज्ञों के अनुसार कटिंग हमेशा स्वस्थ और रोगमुक्त पौधे से लें. कटिंग को 4–6 इंच लंबा रखें और निचली पत्तियां हटा दें. पानी में लगाने पर 7–10 दिन में जड़ें निकलने लगती हैं. मिट्टी हल्की और जलनिकास वाली होनी चाहिए. कटिंग के बाद हल्की धूप और नियमित नमी बनाए रखना जरूरी है.
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