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Health Tips: आपका यह छोटा-सा गार्डन हर दिन बड़े काम आएगा. सुबह की तुलसी चाय, सर्दी में लेमन ग्रास, स्किन के लिए एलोवेरा और पाचन के लिए कड़ी पत्ता—एक गार्डन से पूरा परिवार स्वस्थ रहेगा. साथ ही डॉक्टर के चक्कर और…और पढ़ें
हॉर्टिकल्चरिस्ट बाबू राम बताते है कि बस थोड़ी-सी जगह चाहिए और आप अपनी सेहत खुद संवार सकते है. तुलसी हर भारतीय घर का हिस्सा रही है. सुबह-सुबह इसकी एक-दो पत्तियां खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. वहीं, गिलोय का बेलनुमा पौधा घर की दीवार या गमले में आसानी से लगाया जा सकता है. गिलोय का रस पीने से डेंगू-मलेरिया जैसे मौसमी बुखार में भी राहत मिलती है.
आयुर्वेद में अश्वगंधा को ताकत और एनर्जी का खज़ाना माना गया है. इसकी जड़ें शरीर की थकान मिटाने और कमजोरी दूर करने में मदद करती है. इसे लगाने के लिए सिर्फ धूप वाली जगह और सामान्य मिट्टी काफी है.
कड़ी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह पाचन को भी दुरुस्त करता है. इसकी पत्तियां रोज़ की सब्ज़ियों और दाल में डाली जाएं तो दवा जैसा असर करती है. ज्यादा जगह की जरूरत नहीं है. गमले या प्लास्टिक की बोतल में भी ये पौधे लग सकते है. बरसात का मौसम इन पौधों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय मिट्टी नम रहती है और पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते है. पानी की मात्रा बहुत ज्यादा न दें, खासकर एलोवेरा और अश्वगंधा जैसे पौधों को रोज़ाना सिर्फ 5-10 मिनट धूप और थोड़ी देखभाल दे.
आपका यह छोटा-सा गार्डन हर दिन बड़े काम आएगा. सुबह की तुलसी चाय, सर्दी में लेमन ग्रास, स्किन के लिए एलोवेरा और पाचन के लिए कड़ी पत्ता—एक गार्डन से पूरा परिवार स्वस्थ रहेगा. साथ ही डॉक्टर के चक्कर और दवाइयों का खर्च भी कम हो जाएगा.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें
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