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घर के छत, बालकनी या बागवानी में अगर आप कोई अद्भुत पौधा लगाना चाहते हैं, तो दौना (मरुआ/बन तुलसी) आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है. यह दिखने में सुंदर, खुशबू में शानदार और उपयोग में भी जबरदस्त है. दौना कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है. यह अपने आसपास का माहौल शुद्ध, स्वच्छ और सुगंधित बना देता है. आगे जानिए…
दौना के पौधें बागवानी में लगाने से कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे जा सकते हैं. जब मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही ज्यादा गर्म होता हैं, तब यह पौधा खुली धूप को पसंद कर अच्छे से ग्रोथ करता है. इसलिए इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां रोजाना 6 से 8 घंटे धूप मिल सके. सही रोशनी मिलने पर इसका विकास तेजी से होता है और पत्तियां भी ज्यादा सुगंधित देती हैं.
मिट्टी का चयन दौना के लिए बहुत महत्वपूर्ण और जरूरी होता है. इसे जल निकासी वाली दोमट मिट्टी पसंद होती है, जिसमें पानी रुकना नहीं चाहिए. अच्छी मिट्टी में दौना का पौधा सही तरीके से विकास करता है. आप इसमें गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाकर मिट्टी को और उपजाऊ बना सकते हैं, जिससे पौधा स्वस्थ और मजबूत भी होगा.
अगर आप कटिंग से दौना लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले किसी अच्छे स्वस्थ पौधे से 5 से 6 इंच लंबी टहनी काट लेनी चाहिए, लेकिन ध्यान रखें कि, कटिंग ताजी और हरी हो. इसके बाद नीचे की पत्तियों को हटा दें और ऊपर कुछ पत्तियां छोड़ दें, ताकि पौधा ऊर्जा सही दिशा में प्रयोग कर सके.
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जनपद बलिया के श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के HOD प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार, अब उक्त पौधें के कटिंग को पानी से भरे गिलास में रखें और कुछ दिनों तक इंतजार करें. धीरे-धीरे इसमें जड़ें निकलने लगेंगी. जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तो इसे गमले में लगा दें. इस प्रक्रिया से पौधा जल्दी खिलने लगता हैं.
अगर आप नर्सरी में दौना का पौधा खरीदने जाते हैं, तो 10 से 12 इंच का गमला लें, जिसमें नीचे छेद हो. पौधे को सावधानी से निकालकर गमले के बीच में लगाएं और जड़ों के पास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें. पौध लगाने के तुरंत बाद अच्छी तरह पानी दें, ताकि पौधा नई जगह पर आसानी से बैठ सके.
दौना की देखभाल बहुत ही आसान है. जब मिट्टी सूख जाए, तभी पानी दें और ध्यान रखें कि पानी जमा न होने पाए. हां समय-समय पर इसकी कटाई करते रहें, जिससे पौधा घना और खूबसूरत बन सके. कीटों से बचाव के लिए जरूरत पड़ने पर नीम का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है.
दौना न केवल एक पौधा है, बल्कि कई फायदों का खजाना है. इसकी खुशबू घर को तरोताजा कर देती है, धार्मिक रूप से भी इसका बहुत महत्व है और औषधीय गुणों के कारण यह काफी उपयोगी साबित होती है. सदियों से दौना का प्रयोग घाव, सूजन और दर्द में लेप के रूप में किया जाता रहा है. यानी एक पौधा के कई फायदे भी हैं. हालांकि इसका प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेकर ही करना चाहिए.
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