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Pippali ke fayde in Hindi: आयुर्वेद में कई तरह की औषधियां हैं, जो सेहत के लिए वरदान से कम नहीं हैं. इसी में से एक औषधि है पिप्पली. ये काले रंग की पतली और लंबी सी होती है, इसलिए इसे लंबी काली मिर्च भी कहते हैं. पिप्पली मसाले के साथ ही कई तरह के औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध है. इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में इसका सेवन करना लाभदायक है. साथ ही इसका स्वाद तीखा होता है. चलिए जानते हैं पिप्पली के सेहत लाभ.
पिप्पली में कई गुण होते हैं, जैसे यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है. पेट की कमजोरी, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में पिप्पली बेहद लाभकारी साबित हो सकती है. इसमें मौजूद तत्व पेट की नालियों को सक्रिय करता है, जिससे भोजन को जल्दी और सही तरीके से पचाने में मदद मिलता है. आयुर्वेद में इसे अग्निवर्धक कहा गया है यानी यह शरीर की अग्नि को मजबूत करके पोषण देता है.

पिप्पली श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी है. खांसी, सर्दी, जुकाम और अस्थमा जैसी बीमारियों में राहत पहुंचाती है. फेफड़ों में जमा कफ को बाहर निकालने में मदद करती है. आयुर्वेद में इसे श्वासवर्धक और कफनाशक माना जाता है. सेवन से फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है.

यह इम्यूनिटी को बूस्ट करती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी तत्व होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. सर्दियों में जुकाम-खांसी, वायरल संक्रमण से बचाव के लिए पिप्पली का इस्तेमाल किया जाता है.
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पिप्पली दिल और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. यह रक्त संचार को बढ़ाती है और शरीर में ऊर्जा का संचार करती है. साथ ही, यह शरीर की कमजोरी को दूर कर ताकत देती है.

पिप्पली के सही इस्तेमाल का तरीका- पिप्पली को आप ड्राई फॉर्म में चबा कर खा सकते हैं. पाउडर बनाकर गर्म पानी या दूध के साथ ले सकते हैं. आयुर्वेद में इसे अश्वगंधा या दालचीनी जैसे अन्य हर्ब्स के साथ मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है. इसके सेवन से पहले डॉक्टर, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.