Sagar News: मध्य प्रदेश शिक्षा मंडल भोपाल के द्वारा बोर्ड परीक्षाएं शुरू कर दी गई हैं. 17 फरवरी से दसवीं की परीक्षा भी शुरू हो गई. दसवीं में अंग्रेजी का पहला पेपर संपन्न हो गया है. बोर्ड एग्जाम को लेकर बच्चे काफी उत्साहित दिखे, क्योंकि महीनों की तैयारी रंग लाई. जिस तरह से इंग्लिश के पेपर में क्वेश्चन आए, उससे उनका मनोबल और बढ़ गया. स्टूडेंट्स का कहना है कि पहले एग्जाम में वही आया, जो उन लोगों ने पढ़ा था. चाहे वह मॉडल पेपर हो या परीक्षा अध्ययन या शिक्षकों के द्वारा बताए गए प्रश्न हर चीज आई है.
हालांकि, इस बार अंग्रेजी के पेपर में पिक्चर क्वेश्चन भी आया है. इसमें चित्र था, जिसको देखकर उसका वर्णन करना था. कुछ लोगों के लिए यह टफ रहा, लेकिन कुछ बच्चों के लिए आसान. महक यादव ने बताया, जब से एग्जाम की डेट आई थी, तब से बहुत घबराहट हो रही थी. जितने दिन काम होते जा रहे थे, उतनी चिंता बढ़ती जा रही थी. समझ नहीं आता था, क्या पढ़ें और क्या नहीं. लेकिन, शिक्षकों द्वारा जो गाइडेंस दिया गया, उसके अनुसार तैयारी की थी. अभी 75 नंबर का एग्जाम आया है. 70 नंबर का प्रश्न हल कर दिए हैं.
जाे कम पढ़ा था, वो भी पास हो जाएगा…
मजहबी खान ने बताया, जिन स्टूडेंट ने पढ़ाई की है, उनके लिए यह प्रश्नपत्र तो बहुत सरल है ही, लेकिन जिन्होंने हल्की-फुल्की पढ़ाई की थी वह भी आराम से पास हो जाएंगे. जिस तरह से अंग्रेजी का पेपर आया है, हम लोगों को उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह के प्रश्नपत्र आएंगे जो आसानी से सॉल्व करेंगे. दसवीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करेंगे.
सबकुछ वही था, बस ये वाला सवाल..
प्रियांशु पाठक ने बताया, एग्जाम को लेकर बहुत अच्छी तैयारी की थी. प्रश्नपत्र भी बहुत सरल आया था. लगभग 60 नंबर का पेपर करके आए हैं. अगला पेपर संस्कृत का है, जिसमें दो दिन का गैप मिला है. अब 19 फरवरी को होने वाले पेपर की तैयारी करेंगे. हर्ष कुमार ने बताया, एग्जाम में तो वही आया, जो शिक्षकों द्वारा बताया गया था. गाइड वगैरह में था. केवल एक चित्र वाला प्रश्न अलग से है, जो चार नंबर का प्रश्न है, जिसमें एक गांव दिखाया गया और महिलाएं हैं, उसका अपने हिसाब से विस्तार से वर्णन करना था.
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन के अनुसार, परीक्षा के लिए सागर में 142 केंद्र बनाए गए हैं. दसवीं की बोर्ड परीक्षा में लगभग 34000 स्टूडेंट भाग ले रहे हैं. 10 संवेदनाशील केंद्र बनाई गई हैं. अन्य परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण करने के लिए लगभग 25 फ्लाइंग स्क्वायड हैं. अलग-अलग परीक्षा केद्रों पर जाकर जांच की, ताकि कहीं पर भी कोई नकल न कर पाए इसके लिए मुस्तैदी से व्यवस्था की गई थी.
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