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Pinalu or Gaderi vegetable: उत्तराखंड में अलग-अलग मौसम के हिसाब से अलग-अलग प्रकार की सब्जियां मिलती हैं, जो सेहत के हिसाब से काफी फायदेमंद मानी जाती है. इसका सेवन करने के स्वास्थ्य लाभ होता है. खास कर यहां के पिथौरागढ़ जिले की सब्जी पिनालू या गडेरी पूरे उत्तराखंड में प्रसिद्ध और बाजार में इसकी मांग भी खूब है. खास कर लौबांज, गौरीउड़यार और कपकोट की गडेरी को पूरे उत्तराखंड के लोग पसंद करते हैं.
गडेरी और पिनालू दोनों की सब्जियों के खाने के अनेक फायदे हैं. गडेरी और पिनालू की सब्जी खाने से दिल से संबंधित बीमारियां और ब्लड प्रेशर की दिक्कत कम होती है. इतना ही नहीं यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभदायक है. इसमें मौजूद फाइबर शरीर के मेटाबोलिज्म को मजबूत करता है. उत्तराखंड के बाजारों में यह सब्जी गडेरी और पिनालू बाजार में 40-50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिल जाती है.

पहाड़ों में उगाई जाने वाली अरबी की खासियत यह है कि यह मिट्टी और पानी के शुद्ध वातावरण में पनपती है. यहां की अरबी का आकार थोड़ा छोटा और स्वाद हल्का तीखा होता है. उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्रों में यह बरसात के मौसम में खूब उगती है. बारिश के बाद खेतों में इसकी हरियाली छा जाती है, और घरों में इसकी स्वादिष्ट सब्ज़ी या “अरबी के पत्तों के पातूड़े” बनाए जाते हैं.

अरबी में विटामिन C, E, खनिज और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. जो त्वचा और इम्युनिटी के लिए फायदेमंद है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. पोटैशियम और मैग्नीशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और कैल्शियम और आयरन हड्डियों और खून के लिए फायदेमंद.

सबसे पहले अरबी को उबाल लें. ठंडी होने पर इसका छिलका उतार लें और हल्के हाथों से गोल या लम्बे टुकड़े काट लें. कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें. जब तेल से हल्का धुआं उठे, तो आंच धीमी कर दें. अब जीरा डालें और तड़कने दें। फिर हींग डालकर खुशबू आने तक भूनें।इसके बाद हल्दी, धनिया और लाल मिर्च पाउडर डालें. अब उबली हुई अरबी डालकर अच्छे से मिलाएं. ताकि मसाले हर टुकड़े में लग जाएं. धीमी आंच पर 10–15 मिनट तक भूनें जब तक अरबी सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए. आखिर में नमक और नींबू का रस डालें. हरे धनिये से सजाकर परोसें.

अरबी के पत्ते बड़े, दिल के आकार के और चमकदार हरे होते हैं. इन्हें तोड़ने के बाद अधिक देर तक नहीं रखा जाता, क्योंकि ये जल्दी मुरझा जाते हैं. पहाड़ों में इन्हें “पिनालू पात” कहते है और बरसात के मौसम में खूब प्रयोग किया जाता है.

पहाड़ी इलाकों में जहां ठंड और नमी अधिक रहती है, वहां अरबी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है. बरसात के मौसम में जब ताज़ी सब्ज़ियां कम मिलती हैं, तो अरबी सबसे आसान और स्वादिष्ट विकल्प बन जाती है. इसे लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है.
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