भारत में पेट्रोल के दाम बढ़े, दिल्ली-NCR से लेकर मुंबई तक जानें आपके शहर में Petrol की नई कीमत?

Petrol Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी की है. हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पहले की दरों पर ही बिक रहे हैं. ये बढ़ी हुई दरें 20 मार्च की रात से लागू कर दिए जाएंगे. इसके अलावा, औद्योगिक डीजल के ऊपर 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.

ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के बीच जहां पहले से ही एलपीजी संकट (LPG Crisis) देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम (Petrol Latest Price in India) बढ़ा कर ये झटका दिया है. आज से BPCL का ‘स्पीड’, HPCL का ‘पावर’ और IOCL का ‘एक्सपी95’ जैसे प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.

आईओसीएल के कुछ आउटलेट्स पर XP95 पेट्रोल फिलहाल 101.80 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है. कुछ जगहों पर पहले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 111.68 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इस बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 103.92 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि पुणे में प्रीमियम पेट्रोल 113.17 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है.

क्रूड ऑयल की कीमत में उछाल

आइये जानते हैं कि आखिर किस राज्य में अभी नॉर्मल पेट्रोल की क्या कीमत है- दिल्ली में 94.77 रुपये प्रति लीटर, गुजरात- 94.49, हरियाणा 95.91, पश्चिम बंगाल 106.72, झारखंड 98.38 रुपये, केरल, 106.08.

देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में यह इजाफा ऐसे समय पर किया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है. वहीं, एलपीजी संकट पहले से ही बना हुआ है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई पर दबाव और बढ़ सकता है.

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का यह तीसरा सप्ताह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि यह युद्ध जल्द समाप्त हो जाएगा, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत संकेत दे रहे हैं. ईरान के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बावजूद तेहरान जिस तरह से जवाबी हमले कर रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है.

रुपये में बड़ी गिरावट

एक ओर जहां कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय मुद्रा में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. शुक्रवार को पहली बार रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93 के स्तर से भी नीचे पहुंच गया. ऐसे में महंगाई को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ गया है.

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