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Healthy Raagi Idli Recipe: गाजीपुर के सौरभ ने पारंपरिक रागी इडली को एक नए अंदाज़ में पेश किया है. अपनी मां से सीखी इस रेसिपी में सौरभ किसी सोडा या ईनो का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि सूरज की रोशनी से इडली के घोल में खमीर उठाते हैं. रागी और हरी मूंग के मेल से बनी यह इडली स्वाद में जितनी लाजवाब है, सेहत के लिए उतनी ही फायदेमंद है. हड्डियों की मजबूती और बेहतर पोषण के लिए सौरभ की यह देसी तकनीक आजकल खूब पसंद की जा रही है.
Healthy Raagi Idli Recipe: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के फुल्लनपुर में रहने वाले सौरभ इन दिनों अपनी खास ‘रागी इडली’ को लेकर चर्चा में हैं. सौरभ ने साउथ इंडियन इडली को एक देसी और सेहतमंद ट्विस्ट दिया है. अपनी मां और उनकी सहेली अनुष्का से सीखी गई इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें खमीर उठाने के लिए किसी भी तरह के केमिकल या सोडा का इस्तेमाल नहीं होता है. सौरभ इसके लिए एक पुराना और प्राकृतिक तरीका अपनाते हैं, जिसमें सूरज की रोशनी का इस्तेमाल किया जाता है.
धूप से तैयार होता है इडली का असली स्वाद
सौरभ बताते हैं कि वे इडली के घोल (बैटर) को बनाने के बाद उसे करीब 7-8 घंटे के लिए तेज धूप में रख देते हैं. सूरज की कुदरती गर्मी से इस घोल में जो खमीर उठता है, वही इस इडली के असली स्वाद का राज है. धूप की इस प्रक्रिया से इडली बहुत ही हल्की और स्पॉन्जी बनती है. प्राकृतिक तरीके से तैयार होने के कारण यह इडली खाने में जितनी स्वादिष्ट लगती है, शरीर के लिए उतनी ही गुणकारी भी होती है.
रागी इडली बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस खास इडली को बनाने के लिए आपको इन सामग्री की जरूरत होगी
सफेद उड़द दाल: 2 कप
हरी मूंग दाल: 1 कप
रागी (मडुआ) का आटा: 1.5 कप
चावल का चूरा (पोहा): आधा कप
तड़का के लिए राई, कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च.
इडली तैयार करने की पूरी विधि
सबसे पहले सफेद उड़द और हरी मूंग की दाल को अच्छी तरह साफ करके 7-8 घंटे के लिए पानी में भिगो दिया जाता है. जब दाल अच्छी तरह फूल जाती है, तो उसे भीगे हुए पोहे के साथ मिलाकर एक महीन पेस्ट तैयार किया जाता है. अब इस पेस्ट में रागी का आटा मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लिया जाता है.
इसके बाद इस घोल को ढककर 7 से 8 घंटे के लिए धूप में रख दिया जाता है. शाम तक धूप की गर्मी से घोल पूरी तरह फूलकर तैयार हो जाता है. सौरभ का मानना है कि जो खमीर धूप से आता है, वह सोडा या ईनो से कभी नहीं मिल सकता.
स्टीमिंग और सर्विंग का तरीका
जब घोल तैयार हो जाता है, तो इसमें स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. सौरभ इसके स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें राई और कढ़ी पत्ते का देसी तड़का भी लगाते हैं. इसके बाद इडली स्टैंड के सांचों में हल्का तेल लगाकर घोल डाला जाता है और कुकर में बिना सीटी लगाए करीब 12-15 मिनट तक भाप में पकाया जाता है.
पोषण का खजाना है यह खास इडली
सौरभ की बनाई यह रागी इडली सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जा रही है. रागी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए बहुत जरूरी है. वहीं हरी मूंग दाल के इस्तेमाल से यह इडली प्रोटीन का भी अच्छा जरिया बन जाती है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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