1 लाख की सैलरी वाले देखते रह गए सपने, गन्ने का जूस बेचने वाले ने कर दिया कमाल, इजराइल, तुर्की से लेकर 10 देशों में किया ट्रैवल

केरल के कन्नूर जिले में गन्ने का जूस बेचने वाले हाशिम वीपी की कहानी यह साबित करती है कि सपनों को पूरा करने के लिए न तो उम्र की सीमा होती है और न ही पेशा कोई रुकावट बनता है. 67 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग एक सीमित और आरामदायक जिंदगी चुन लेते हैं, वहीं हाशिम ने घूमने-फिरने के अपने जुनून को पूरी दुनिया के सामने जीकर दिखाया है. पिछले 30 वर्षों से गन्ने का जूस बेच रहे हाशिम अब तक एशिया और मिडिल ईस्ट के 10 देशों की यात्रा कर चुके हैं और उनका यह सफर आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है.

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, हाशिम की यात्रा की शुरुआत साल 2012 में हुई. उस साल उन्होंने पहली बार दिल्ली जाने का फैसला किया. जून और जुलाई का समय उनके बिजनेस के लिए ऑफ-सीजन होता था, इसलिए आमतौर पर वह अपनी जूस की दुकान बंद कर घर पर आराम किया करते थे. लेकिन उसी साल उनके बड़े भाई से हुई एक बातचीत ने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया. इस बातचीत ने उन्हें यह एहसास कराया कि जिंदगी सिर्फ काम और जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि नए अनुभवों और अलग-अलग संस्कृतियों को जानना भी उतना ही जरूरी है. यहीं से उनके भीतर छुपा ट्रैवलर जाग उठा.

कहां-कहां घूमें हाशिम? 
दिल्ली यात्रा के बाद हाशिम ने धीरे-धीरे विदेश घूमने की योजना बनानी शुरू की. सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने मेहनत से बचत की और एक-एक कर कई देशों की यात्रा की. अब तक वह इजराइल, फिलिस्तीन, जॉर्डन, मिस्र, इराक, मलेशिया, थाईलैंड, अजरबैजान, तुर्की और सऊदी अरब जा चुके हैं. इन यात्राओं में कई बार उनकी पत्नी हसीना भी उनके साथ रहीं, जो हर कदम पर उनका साथ देती हैं. दोनों मिलकर नई जगहों को एक्सप्लोर करते हैं और वहां की संस्कृति, खानपान और लोगों के जीवन को करीब से समझते हैं.

लेटेस्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन
हाशिम की सबसे हालिया यात्रा तुर्की की रही, जिसे उन्होंने बेहद खूबसूरत बताया. उनका कहना है कि हर देश की अपनी अलग पहचान और कहानी होती है, जो इंसान को बहुत कुछ सिखाती है. यात्रा उन्हें सिर्फ सुकून ही नहीं देती, बल्कि जिंदगी को देखने का नजरिया भी बदल देती है. अलग-अलग देशों के लोगों से मिलना और उनकी जीवनशैली को समझना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है.

अब इस देश में है जाने का प्लान
अब हाशिम का अगला सपना चीन जाने का है. वह आने वाले कुछ महीनों में अपनी पत्नी और बड़े भाई के साथ चीन की यात्रा की योजना बना रहे हैं. हाशिम का कहना है कि जब से उन्होंने घूमना शुरू किया है, तब से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जैसे भी मौका मिलता है, वह नई जगह देखने निकल पड़ते हैं.

हाशिम वीपी से सीखें लाइफ एन्जॉय करने का तरीका
हाशिम वीपी की कहानी यह संदेश देती है कि अगर इंसान के इरादे मजबूत हों और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता. उम्र, पैसा या हालात कभी भी आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकते. एक साधारण गन्ने का जूस बेचने वाले शख्स ने यह साबित कर दिया कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने की हिम्मत हो, तो पूरी दुनिया आपके कदमों में हो सकती है.

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