SDM ऑफिस पहुंचे लोग, बोले-बैंक से लोन लेकर घर बनाए: पशुपालन विभाग की 6 एकड़ में मिला कब्जा; डायमंड सिटी में सबसे ज्यादा – Bhopal News

गोविंदपुरा एसडीएम ऑफिस में एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव से चर्चा करते रहवासी।

भोपाल के अनंतपुरा कोकता में पशुपालन विभाग की 6 एकड़ जमीन पर कब्जा सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा है। पटवारियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी जानी है। मंगलवार को कलेक्टर के जबलपुर होने से उन्ह

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इधर, मंगलवार को कोकता स्थित डायमंड सिटी के कई लोग गोविंदपुरा एसडीएम ऑफिस में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उन्होंने प्लाट खरीदकर बैंकों से लोन लिया और फिर घर बनाए। सभी कर्ज के बोझ तले दबे हैं। लोन लेने के दौरान ही सभी जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई थी, लेकिन अब डायमंड सिटी के कई मकानों को पशुपालन विभाग की जमीन पर बनाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में वे डरे हुए हैं।

एसडीएम ने लोगों को सुना, आश्वासन दिया एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव ने सभी लोगों को सुना। रहवासियों का कहना था कि बिना नोटिस दिए कोई कार्रवाई न हो। उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए। इस पर एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि नियमानुसार ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

एसडीएम ऑफिस में एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव से चर्चा करते रहवासी।

सीमांकन में यह कब्जा मिला बता दें कि 6 एकड़ में करीब 40 बिल्डिंग, प्लाट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, एक स्कूल समेत दो-तीन कॉलोनियों के कब्जे मिले हैं। डायमंड सिटी समेत आसपास की जुड़ी हुई कॉलोनियों में कब्जा सामने आया। सबसे ज्यादा कब्जा डायमंड सिटी में मिला। यहीं पर ज्यादातर घर हैं। विभाग की जमीन पर नगर निगम का कब्जा भी मिला है। इसे लेकर बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। निगम इस जमीन के बदले पशुपालन विभाग को दूसरी जमीन भी दे सकता है।

आगे यह होगी कार्रवाई सीमांकन के बाद 11 पटवारियों की टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इसमें बताया गया है कि किस रकबे में किसका और कितना कब्जा है? यह रिपोर्ट एसडीएम श्रीवास्तव के पास पहुंच गई है। अब चिंह्नित कब्जाधारियों को पशुपालन विभाग से नोटिस भेजे जाएंगे। इसी बीच मंगलवार को लोगों ने एसडीएम ऑफिस पहुंचकर गुहार लगाई।

डायमंड सिटी में पशुपालन विभाग की जमीन पर कब्जा पाया गया है।

डायमंड सिटी में पशुपालन विभाग की जमीन पर कब्जा पाया गया है।

इसलिए किया गया था सीमांकन 34 साल बाद पशुपालन विभाग को सीमांकन के पीछे भोपाल के मछली परिवार पर हुई कार्रवाई है। ड्रग्स और रेप केस के मामले में इस परिवार के दो सदस्य जेल में बंद है, जबकि अन्य पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद 30 जुलाई और फिर 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने दो बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 बड़े अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए। ये सभी सरकारी जमीन पर बनाए जाना सामने आए। इस जमीन की कीमत सवा सौ करोड़ रुपए आंकी गई।

इसी बीच पशुपालन विभाग ने गोविंदपुरा एसडीएम श्रीवास्तव और तहसीलदार वर्मा को एक आवेदन दिया, जिसमें कहा गया कि उनकी जमीन पर भी कब्जा हो सकता है। इसलिए सीमांकन किया जाए। प्रशासन ने पड़ताल की तो कब्जे की बात सही निकली। इसके बाद मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस दिए गए। इन्हें भी सीमांकन के दौरान मौजूद रहने को कहा गया था। हालांकि, मछली परिवार की तरफ से वकीलों ने अपना पक्ष भी रखा। कहा कि जमीन पर उनका कब्जा नहीं है।

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