सर्दियों के मौसम में पहाड़ों की रसोई में जो खुशबू सबसे ज्यादा दिल को सुकून देती है, वह है हरी राय के कापे की. हरी राय, जो सरसों जैसी पत्तेदार सब्जी होती है, पहाड़ों में ठंड के दिनों की खास पहचान मानी जाती है. यह सब्जी स्वाद में हल्की तीखी और बहुत ही पौष्टिक होती है, इसलिए सर्दियों में इसे खूब बनाया जाता है.
हरी राय का कापा बनाने की विधि –
हरी राय का कापा बनाना बहुत आसान है और इसमें ज्यादा मसालों की भी जरूरत नहीं पड़ती. सबसे पहले करीब 500 ग्राम ताजी हरी राय ले लीजिए. इसे अच्छी तरह दो-तीन बार पानी से धो लें, ताकि सारी मिट्टी साफ हो जाए. फिर इसे बारीक-बारीक काट लें. अब कढ़ाई को गैस पर चढ़ाइए और उसमें 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालकर गरम कीजिए. तेल गरम होते ही उसमें 2 सूखी लाल मिर्च डाल दें, जिससे तेल में हल्की तीखी खुशबू आ जाएगी.
अब कढ़ाई में कटी हुई हरी राय डाल दीजिए और हल्का सा चलाइए. इसके बाद इसमें मसाले डालें, आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वाद अनुसार नमक, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर और आधा चम्मच जीरा पाउडर. चाहें तो 2-3 बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं, इससे स्वाद और बढ़ जाता है. अब सब चीजों को अच्छे से मिलाकर मध्यम आंच पर बिना ढके पकने दें.
हरी राय खुद ही थोड़ा पानी छोड़ती है, इसलिए इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं होती. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि सब्जी नीचे से चिपके नहीं. करीब 10–12 मिनट तक बिना ढके इसे पका लीजिये, बिना ढके पकाने से राय का वैसा ही ताजा हरा रहता है। अगर ढककर पकाएगे तो वो पीला पड़ जायेगा और स्वाद भी अच्छा नहीं आएगा. इसके बाद जब राय नरम होकर अच्छी तरह पक जाती है और उसका रंग भी गहरा हरा हो जाता है. बस, समझिए आपका गरमा-गरम हरी राय का कापा तैयार है.
इसे अगर मक्के की गरम रोटी, मंडुवे की रोटी या सादे भात के साथ परोसा जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. ठंडी सुबह या शाम में एक प्लेट गरम कापा, शरीर को ताकत देता है और मन को सुकून भी. यही वजह है कि पहाड़ों में सर्दियों का मौसम हरी राय के कापे के बिना अधूरा सा लगता है.
.