यदि WHO के दिशानिर्देश के अनुसार, प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 से घटाकर प्रति क्यूबिक मीटर 5 माइक्रोग्राम तक लाया जाए, तो यह आयु ह्रास काफी हद तक कम किया जा सकता है.
क्या है एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स?
अध्ययन में क्या बात आई सामने
रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि देश की राजधानी दिल्ली में यदि कणीय प्रदूषण (particulate concentrations) के लेवल को डब्लूएचओ की गाइडलाइंस के अनुसार ला दिया जाए तो एक औसत निवासी 8.2 वर्ष अधिक जी सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में कम करना होगा पीएम लेवल
इस स्टडी का जब विश्लेषण किया गया तो ये बात सामने आई कि प्रदूषण का स्तर कम करने और लोगों की लाइफ को बढ़ाने के लिए WHO की गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा. WHO के मानकों को पूरा करने के लिए एनसीआर (NCR) जिलों को अपने पीएम2.5 स्तर को 44% तक घटाना होगा. ऐसा करके लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा में 4.8 वर्ष की वृद्धि हो सकेगी.
गुरुग्राम के निवासी- 7.1 वर्ष
फरीदाबाद के निवासी- 6.8 वर्ष
गौतम बुद्ध नगर के निवासी- 7.7 वर्ष
ग़ाज़ियाबाद के निवासी – 7.7 वर्ष
टीओआई को दिए एक इंटरव्यू में AQLI निदेशक तनुश्री गांगुली ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के प्रभावों पर उपलब्ध आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. पिछले पांच वर्षों में शहर में प्रदूषण के बढ़ते लेवल को लगातार देखने-समझने से पता चलता है कि यदि ऐसी ही परिस्थितियां बनी रहती हैं तो यहां रहने वाले लोग अपनी उम्र के आठ वर्ष गंवा सकते हैं. उनकी मृत्यु आठ साल पहले ही हो सकती है.ऐसे में ये बेहद जरूरी है कि दिल्ली में प्रदूषण में कमी लाने के लिए सख्त कंसन्ट्रेशन रिडक्शन के टार्गेट को पूरा करने के लिए काम करना होगा तभी आप देश के 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के नेशनल स्टैंडर्ट को पा सकते हैं. इसके लिए शहर को पर्टिक्युलेट कन्संट्रेशंस के लेवल को 50 प्रतिशत से भी अधिक कम करना होगा. तभी औसत दिल्लीवासियों की जीवन प्रत्याशा में 4.5 वर्ष से अधिक की वृद्धि हो सकती है.