राज्य शासन द्वारा इस साल पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ होली के पावन पर्व को मनाए जाने पर लोगों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि जनसहयोग और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से यह प्रयास किया जाएगा कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गोकाष्ठ का प्रयोग किया जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाने के लिए प्राकृतिक व हर्बल रंगों से होली खेलने और पर्यावरण अनुकूल तरीके से होली का उत्सव मनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार इंदौर शहर में होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गोकाष्ठ का प्रयोग करने पर संबंधित जोन के जोनल कार्यालय पर निशुल्क पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के समय आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी जैसे पदाधिकारी संपर्क नंबर, होलिका दहन स्थल आदि प्राप्त किया जाएगा। राज्य शासन के निर्देशानुसार, आगामी दिनों में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें ऐसी सभी संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारी को मुख्यमंत्री की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। निगमायुक्त द्वारा शासन निर्देशानुसार, होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गोकाष्ठ का प्रयोग तथा स्वच्छ और स्वस्थ होली के इस अभियान का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में निगम अधिकारियों को निगम स्तर से किए जाने वाले कामों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। .