मटर बराबर आम पर खतरा, किसान फसल बचाने में लग जाएं, जानें तरीका… एक बौर नहीं गिरेगी!

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मटर बराबर आम पर खतरा, किसान बचाने में लग जाएं, जानें तरीका, 1 बौर नहीं गिरेगी

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Mango Farming Tips: जिन किसानों ने आम के बाग लगाए हैं, वहां अब पेड़ों पर बौरें आ गई हैं. आम मटर के बराबर दिखने लगे हैं. लेकिन, यही वक्त है जब पेड़ से बौर गिर जाती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. सागर के कृषि वैज्ञानिक ने इस समस्या का तगड़ा इलाज बताया है. आप भी जानें…

फलों के राजा आम का सीजन आने वाला है. लोगों को भी रसीले आमों का इंतजार है. बाग में किसान आम के लिए मेहनत कर रहा है, ताकि इस बार बढ़िया कमाई हो जाए. इस समय जो आमों के बागों में पेड़ों पर मटर बराबर फल आना शुरू हो गए हैं. लेकिन, ये समय खतरनाक भी है. क्योंकि, इस समय फल झड़ जाते हैं. किसानों का नुकसान हो जाता है. तब किसानों को क्या करना चाहिए. जानें

मध्य प्रदेश में सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केएस यादव ने कुछ ऐसे उपाय बताएं हैं, जिनको अपना कर किसान भाई अपने आम के पेड़ों से अधिक से अधिक फलों का उत्पादन ले सकते हैं. इन उपाय से फल कम झड़ेंगे या न के बरारबर गिरेंगे. मटर बराबर फल आराम से बिना रोग के बड़े होंगे. इससे किसानों को फायदा होगा.

वैज्ञानिक केएस यादव ने बताया, आम के बोर में 90 से 95% नर फूल पाए जाते हैं. 4 या 5% मादा फूल होते हैं या Hermaphrodite फूल होते हैं, उसी में निषेचन के बाद फल बनते हैं. वर्तमान में अगर मटर के आकार के फल आ गए हों तो वह झड़ने लगते हैं. इससे किसान चिंतित रहते हैं. इसके लिए प्लानोफिक्स दवा आती है, नेफ्थाइल एसिटिक एसिड (Alpha Napthyl Acetic Acid) की 20 ml प्रति लीटर छिड़काव करें.

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डॉक्टर ने आगे बताया, किसान प्लोनोफिक्स अच्छी कंपनी की दवा लें. पानी में घोल लें, पूरे पेड़ों पर इसका छिड़काव कर दें. इससे बौर झड़ने से बच जाएगी. अगर इसके बाद भी आपको लग रहा कि फल झड़ रहे हैं तो 10-12 दिन के अंदर के बाद एक बार फिर इसी का छिड़काव कर सकते हैं.

कृषि एक्सपर्ट के अनुसार, जब फल मटर के दाने से भी बड़े हो जाते हैं, तब झड़ने का खतरा ज्यादा रहता है. क्योंकि मौसम में उतार-चढ़ाव होने की वजह से भी फल झड़ते हैं. ऐसे में किसान घुलनशील उर्वरक (पोटेशियम नाइट्रेट 13:0:45) में 100 से 150 ग्राम उर्वरक को 15 लीटर पानी में घोल लें. इसका पूरा छिड़काव करते हैं. इससे फल झड़ना बच जाता है. इसके अलावा पोषक तत्वों की कमी और हार्मोन बैलेंस खराब होने से भी फल झड़ते हैं.

कृषि वैज्ञानिक यादव ने आगे बताया, जैसे ही आम के फल मटर के आकार के दाने से बड़े हो जाएं तब किसान भाइयों को बाग की सफाई करके थाला बना कर 20 किलोग्राम गोबर की खाद डाल दें. पेड़ के तने की एक मीटर की दूरी पर जहां पर ड्रिप लगते हैं, चारों ओर गुड़ाई कर लें. 200 ग्राम यूरिया, 400 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट 200 ग्राम पोटाश मिला करके निदाई गुड़ाई करके 15 सेंटीमीटर गहराई से गुड़ाई करें.

आगे बताया, थाला बनाकर सुबह या शाम सिंचाई करें. ध्यान यह रखें कि आम में फल लगने के बाद नियमित अंतराल से सिंचाई करते रहें. कम से कम 20 दिन में एक बार सिंचाई जरूर करें. ड्रिप लगाकर करें तो बहुत अच्छी बात है. खुली सिंचाई भी कर सकते हैं. मल्चिंग बहुत जरूरी है, जहां पर सिंचाई का थाला है, वहां पर मल्चिंग कर दें. इससे भी फल नहीं गिरते हैं.

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