सिंगरौली के मोरवा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय पवन साहू हत्याकांड को लेकर गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। मृतक के परिजन सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह के साथ कलेक्टर से मिले और मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को बैढ़न स्थित जिला मुख्यालय के ट्रामा सेंटर में पवन साहू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार को शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। एहतियातन कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। ये था मामला पवन साहू 9 मार्च की रात करीब 9 बजे अपने चाचा की पार्टी में जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। परिजनों के अनुसार, रात 11:30 बजे तक उसका मोबाइल चालू था, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। करीब 12 बजे फोन बंद हो गया। परिजनों ने उसी रात पुलिस को इरशाद खान और सुधांशु गुप्ता पर संदेह व्यक्त किया था। मृतक की चाची सीमा देवी ने बताया कि होली के दिन रंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इरशाद खान ने उसी दिन पवन को धमकी दी थी। चाची ने बताया कि पवन का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। पवन की बहन ने आरोप लगाया कि परिवार ने उसी रात पुलिस को संदिग्धों के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि पुलिस तुरंत कदम उठाती तो पवन की जान बच सकती थी। थाने के सामने प्रदर्शन और पथराव किया था बुधवार को मोरवा-चितरंगी मार्ग पर झाड़ियों के बीच पवन साहू का शव मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने मोरवा थाने के सामने प्रदर्शन और पथराव किया था। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ हुई और एक आरोपी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया है। मामले को लेकर एसडीएम सुरेश जाधव ने कहा कि कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और फिलहाल स्थिति शांत व नियंत्रण में है। .