Patharchatta benefits : किडनी में स्टोन हो या शुगर-बीपी, पत्थरचट्टा रामबाण, संजीवनी से कम नहीं इसकी पत्तियां

Last Updated:

Patharchatta benefits in hindi : पत्थरचट्टा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. इससे संक्रमण से लड़ने की ताकत बढ़ती है. पत्थरचट्टा एक छोटा पौधा है. इसे संस्कृत में पाषाण भेद कहते हैं. जो पत्थर को तोड़ दे, उसे पाषाण भेद/पत्थरचट्टा कहते हैं. इसकी पत्तियां मोटी होती हैं. इसके पत्तों में विटामिन और मिनरल होते हैं, जो पेट की गड़बड़ियों को दूर करते हैं. गैस और अल्सर से राहत दिलाते हैं. पत्थरचट्टा में मधुमेह-रोधी और रक्तचाप नियंत्रित करने वाले तत्व पाए जाते हैं. इसके पत्ते ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं. दिल की सेहत सुधारते हैं.

बलिया. धरती एक से बढ़कर एक रामबाण पौधों से भरी पड़ी है और ये अपने अलग-अलग गुणों के लिए जाने जाते हैं. आयुर्वेद में तमाम औषधीय पौधों की एक लंबी परंपरा रही है. बात अगर पत्थरचट्टा की करें, तो इसके अद्भुत स्वास्थ्यवर्धक फायदे हैरान करने वाले हैं. पत्थरचट्टा के नाम से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह पौधा पत्थरी जैसी कठोर बीमारियों पर असर दिखा सकता है. खासतौर पर गुर्दे की पथरी के इलाज में पत्थरचट्टा रामबाण माना जाता है. इसमें अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो पथरी को धीरे-धीरे घोलने और शरीर से बाहर निकालने में वरदान साबित हो सकते हैं. पत्थरचट्टा कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन में बहुत ही ज्यादा उपयोगी है.

इन रोगों में भी संजीवनी

बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, पत्थरचट्टा एक छोटा पौधा है, जिसे संस्कृत में पाषाण भेद कहा जाता हैं. पाषाण मतलब पत्थर और भेद का अर्थ तोड़ना है यानी जो पत्थर को तोड़ दे, उसे पाषाण भेद/पत्थरचट्टा कहते हैं. इसकी पत्तियां मोटी होती हैं. यह न केवल किडनी तक सीमित है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. इसके पत्तों में विटामिन और मिनरल होते हैं, जो पेट की गड़बड़ियों को दूर कर गैस और अल्सर जैसी समस्याओं से राहत देने में सहायक होते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर संक्रमण से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं.

डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या जटिल होती जा रही है. पत्थरचट्टा में मधुमेह-रोधी और रक्तचाप नियंत्रित करने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने और दिल की सेहत सुधारने में सहायक होते हैं. यह लीवर को साफ रखने और उसकी कार्यप्रणाली बेहतर करने में भी उपयोगी है. त्वचा और बालों के लिए भी पत्थरचट्टा किसी संजीवनी से कम नहीं है. सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो मुंहासे, जलन और घाव भरने में मदद करते हैं.

इनके लिए ठीक नहीं

पत्तियों का लेप लगाने से त्वचा को राहत मिलती है और बालों भी मजबूत बनते हैं. जोड़ों के दर्द, सूजन, खांसी और सांस संबंधी समस्याओं में भी पत्थरचट्टा फायदेमंद होता है. बात पत्थरचट्टा के उपयोग की करें, तो इसका रस, काढ़ा बनाया जा सकता है. पत्तियां चबाई जा सकती हैं, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए. किसी गंभीर बीमारी या अन्य दवाओं के सेवन की स्थिति में बगैर आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लिए इसका सेवन बिल्कुल न करें.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

homelifestyle

किडनी स्टोन हो या शुगर-BP, पत्थरचट्टा रामबाण, संजीवनी से कम नहीं इसकी पत्तियां

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *