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सासाराम सदर अस्पताल में इलाज को बिल्कुल आसान कर दिया गया है. यहां कुपोषित बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. यहां पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है, जहां बच्चों को भर्ती कर इलाज और देखभाल की जाएगी…और पढ़ें
नवजात शिशुओं के जन्म और इलाज की बेहतर सुविधा
सदर अस्पताल के डीपीएम अजय कुमार सिंह ने बताया कि यहां पहले से ही 100 बेड का मातृ-दूध अस्पताल संचालित हो रहा है, यहां हाईटेक मशीनों के साथ प्रसव की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए यह केंद्र बेहद कारगर साबित हो रहा है.
अब अस्पताल में किडनी से संबंधित गंभीर मरीजों के लिए भी डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई है. पहले ऐसे मरीजों को डायलिसिस के लिए बाहर जाना पड़ता था और उस पर काफी खर्च भी आता था. लेकिन अब यह सेवा सदर अस्पताल में ही उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी.
अस्पताल का ब्लड बैंक भी हुआ दुरुस्त
इसके अलावा अस्पताल में सीटी स्कैन, एक्स-रे, पैथोलॉजी समेत सभी प्रमुख जांच सेवाएं भी चालू कर दी गई हैं, ये सुविधाएं 24 घंटे मरीजों की सेवा में उपलब्ध है. वहीं अस्पताल का ब्लड बैंक भी अब पूरी तरह से सुचारू रूप से काम कर रहा है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत रक्त मिल सकेगा.
सदर अस्पताल में कुपोषित बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. यहां पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है, जहां बच्चों को भर्ती कर इलाज और देखभाल की जाएगी. खास बात यह है कि बच्चों के साथ उनकी माताओं के रहने और खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था की गई है. सरकार की ओर से माताओं को प्रतिदिन 100 रुपये की राशि दी जाएगी, ताकि वे आराम से बच्चों के साथ रह सकें और देखभाल कर सकें.
400 से अधिक तरह की दवाइयां मिलेगी मुफ्त
अस्पताल में 400 से अधिक तरह की दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जा रही हैं. यह अस्पताल जिले के गरीब मरीजों के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं है. यहां रोजाना लगभग एक हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में इलाज करवाते हैं. साथ ही 24 घंटे एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके.