पेरेंट्स ध्यान दें! ये है बच्चों की ग्रोथ का सबसे आसान तरीका, आयुर्वेद और डॉक्टर दोनों मानते हैं बेस्ट

Rewa News: बच्चों की देखभाल में तेल मालिश का विशेष महत्व होता है. आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दोनों ही चिकित्सा के अनुसार, छोटे बच्चों को तेल से मालिश करना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी होता है. तेल मालिश न केवल बच्चों की ग्रोथ में मदद करती है, बल्कि उनकी मांसपेशियों और हड्डियों को भी मजबूत बनाती है.

रीवा के डाॅक्टर प्रमोद जैन (शिशु विशेषज्ञ) और आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन डाॅक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ दोनों ने बताया कि शिशु के साथ कम्‍यूनिकेट करने में टच यानी स्‍पर्श बहुत अहम होता है, लेकिन पेरेंट्स इस बात को समझ नहीं पाते हैं. पेरेंट्स का स्‍पर्श शिशु के विकास और लर्निंग के लिए भी जरूरी होता है. तेल मालिश न केवल बच्चों की ग्रोथ में मदद करती है, बल्कि उनकी मांसपेशियों और हड्डियों को भी मजबूत बनाती है. उनका कहना है कि जब तक बच्‍चा बोलना शुरू नहीं करता है, तब तक वो अपने आसपास की चीजों को छूकर अपनी बात कहता है.

इन चीजों के लिए फायदेमंद
शिशु की मालिश करने से कब्‍ज और पाचन मार्ग में फंसी गैस बाहर निकलती है. तेल मालिश पाचन को बढ़ावा देती है और कोलिक एवं गैस से राहत पाने में मदद करती है. शिशु के पेट की ठीक तरह से मालिश करने पर पाचन में सुधार होता है, जिससे शिशु के वजन बढ़ने में मदद मिलती है. अगर आपका शिशु कमजोर या दुबला है, तो रोज उसकी तेल मालिश करें. इससे बच्‍चे का वजन जरूर बढ़ेगा.

अगर बच्‍चा चिड़चिड़ा रहता है तो आपको उसकी मालिश करनी चाहिए. मालिश से शिशु शांत रहता है. मालिश करने से शिशु की बॉडी में ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होता है, जिससे बच्‍चा रिलैक्‍स महसूस करता है. रोज मालिश करें ताकि बच्‍चे को इसकी आदत हो जाए और मालिश के समय वो रोए नहीं. शिशु की मालिश साफ और हवादार कमरे में ही करें जहां आप दोनों को कोई डिस्‍टर्ब करने वाला न हो.

मालिश के फायदे
जब आप शिशु के साथ अकेले कुछ समय बिताते हैं तो आप उसे बे‍हतर तरीके से समझ पाते हैं. आपको समझ आ पाता है कि शिशु की क्‍या जरूरतें हैं और उसे कैसी देखभाल पसंद है. इस तरह शिशु आपके साथ कनेक्‍ट भी कर पाता है और आप दोनों के बीच का बॉन्ड मजबूत होता है.

इस समय न करें मालिश
दूध पिलाने के बाद लगभग 45 मिनट तक शिशु की मालिश नहीं करें. दूध पिलाने के बीच भी शिशु की मालिश न करें. जब बच्‍चा कंफर्टेबल लगे और उसका पेट ज्‍यादा भरा न हो, तब आप मालिश कर सकते हैं.

इन तेल का करें इस्तेमाल
शिशु की मालिश के लिए आप बादाम, नारियल, राई, तील , जैतून का तेल ले सकते हैं. इसकी जगह बेबी मसाज क्रीम भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं, लेकिन गर्मी में क्रीम का उपयोग सही रहता है. शिशु के लिए साफ तौलिया और चादर भी रखें. जरूरत पड़े तो डायपर भी रखें. जो भी शिशु की मालिश करें, उसके नाखून कटे हुए होने चाहिए ताकि शिशु को चोट न लगे और नाखून में जमा गंदगी बच्चे के शरीर में ना लगे.

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