हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुखरास गांव में 12 फरवरी को एक साढ़े पांच वर्षीय बालक के साथ कुकर्म और हत्या की घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। इस जघन्य अपराध के बाद से ग्रामीण अपने बच्चों को अकेला बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। आमतौर पर गांव में बच्चों के खेलने पर कोई पाबंदी नहीं होती थी, लेकिन अब परिजन बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान भी उनके साथ रहते हैं। घटना से पहले गांव की गलियों में बच्चों का शोर सुनाई देता था, लेकिन अब दोपहर और शाम के समय सन्नाटा पसरा रहता है। प्रशासन से की अवैध शराब बिक्री पर रोक की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में अवैध शराब की बिक्री तुरंत बंद करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से गश्त बढ़ाने की भी अपील की है, ताकि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी भूरा, जिसने इस अबोध बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर हत्या की थी और जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, उसे फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। इस मामले पर एसडीओपी शालिनी परस्ते ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उन्हें किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए लगातार काम कर रही है। एसडीओपी ने यह भी बताया कि यदि ग्रामीणों को कोई परेशानी होती है, तो सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि ग्रामीणों और बच्चों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए जल्द ही गांव में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों के सुझाव लेकर हर संभव मदद दी जाएगी। .