संकटों में भी नहीं टूटी हिम्मत…जीवन की राह में आए तूफानों को मात देकर पलक ने RAS में दर्ज किया कीर्तिमान

Last Updated:

RAS Exam 2025: पलक कुमावत ने पति के निधन जैसी कठिन परिस्थिति के बावजूद अपनी हिम्मत और दृढ़ संकल्प से आरएएस में सफलता हासिल की. चौमूं की यह बहादुर युवती संघर्षों को अवसर में बदलकर लोगों के लिए प्रेरणा बन गई. उसकी कहानी साहस और मेहनत की मिसाल है.

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त (RAS) परीक्षा 2023 का फाइनल परिणाम जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में चौमूं शहर की पलक कुमावत ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी हौसले को नहीं तोड़ सकतीं. उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. पलक शहर के पालीवाल मार्ग स्थित अशोक विहार निवासी डॉ. मदनलाल कुमावत की पुत्रवधु और पुत्री विमल कुमावत (जयपुर नगर निगम पूर्व उपमहापौर) की हैं और वर्तमान में चिकित्सा विभाग में कार्यरत हैं.

पलक कुमावत

पलक कुमावत ने बताया कि उन्होंने हर परिस्थिति में खुद को सकारात्मक रखा और निरंतर अध्ययन को प्राथमिकता दी. उनका मानना है कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं, जो किसी भी चुनौती को पार करने में मदद करते हैं. साल 2016 में पलक के जीवन में एक बड़ा दुख आया, जब उनके पति डॉ. महेंद्र कुमावत का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया. वे उस समय जैसलमेर में मुख्य चिकित्साधिकारी पद पर कार्यरत थे.

पलक कुमावत

इस गहरे व्यक्तिगत आघात के बावजूद पलक ने हिम्मत नहीं हारी और जीवन को नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया. पति के निधन के बाद पलक ने अपने जीवन का लक्ष्य तय किया, आरएएस अधिकारी बनना. उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके दिवंगत पति की प्रेरणा और परिवार के सहयोग से संभव हो सका. उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी आत्मबल बनाए रखा और दिन-रात पढ़ाई में जुटकर इस मुकाम को हासिल किया.

पलक कुमावत

पलक कुमावत ने अपनी तैयारी का सफर बेहद अनुशासित तरीके से तय किया. उन्होंने कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन लेने के साथ-साथ घर पर भी पढ़ाई जारी रखी. उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम यह रहा कि उन्होंने खुद को साबित किया और राजस्थान प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया. पलक की सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज को गर्व से भर दिया है.

पलक कुमावत

उनके ससुर डॉ. मदनलाल कुमावत और परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि पलक ने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह समाज की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा. पलक कुमावत ने कहा कि यदि मन में लगन और आत्मविश्वास हो तो कोई भी परिस्थिति सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती. उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि कभी हार न मानें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें. उनकी यह उपलब्धि दृढ़ संकल्प और साहस की मिसाल है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homebusiness

जीवन की राह में आए तूफानों को मात देकर पलक ने RAS में दर्ज किया कीर्तिमान

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *