India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी है. पाकिस्तान को डर है कि कहीं भारत के साथ साइन हुए FTA के चलते कहीं EU में उसका एक्सपोर्ट कम न हो जाए.
वैसे भी पाकिस्तान के एक्सपोर्टर्स और एनालिस्ट्स ने पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यह डील पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट में उसकी स्थिति कमजोर बना सकती है क्योंकि यूरोपीय बाजारों में भारतीय उत्पादों को बड़े पैमाने पर टैरिफ-फ्री एक्सेस मिलेगा. इससे वहां भारतीय प्रोडक्ट्स की कीमतें कम होंगी, मांग बढ़ेगी और पाकिस्तान के मुनाफे पर आंच आएगी. फिलहाल पाकिस्तान भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच नए साइन हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के असर की समीक्षा में जुटा हुआ है.
क्यों पाकिस्तान को हुई टेंशन?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, वीकली प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस्लामाबाद इस एग्रीमेंट से वाकिफ है और EU के साथ अपने व्यापारिक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान और EU के बीच संबंध लंबे समय से दोस्ताना और आपसी फायदे वाला रहा है. पाकिस्तान के लिए EU की जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेस प्लस (GSP+) एक विन-विन मॉडल साबित हुई है.”
बता दें कि इसी GSP+ के तहत यूरोपीय यूनियन के 27 देशों में पाकिस्तान के लगभग 78 परसेंट प्रोडक्ट्स को ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलता है. पाकिस्तान को EU के GSP+ स्टेटस का फायदा जनवरी 2014 से मिल रहा है. इससे यूरोपीय बाजारों में पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काफी बढ़ा है. पाकिस्तान को इस बात का डर है कि FTA से भारत को तुरंत मिलने वाली ड्यूटी-फ्री एक्सेस GSP+ के तहत पाकिस्तानी एक्सपोर्ट्स को मिलने वाले टैरिफ गैप कम हो सकता है, खासकर टेक्सटाइल और कपड़ों के सेक्टर में.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन (APTMA) के चेयरमैन कामरान अरशद ने पाकिस्तानी अखबार डॉन को बताया कि EU के 27 सदस्य देश पाकिस्तान के टोटल एक्सपोर्ट का लगभग 8.8 बिलियन डॉलर या 27.2 परसेंट और हर साल उसके टेक्सटाइल शिपमेंट का लगभग 7 बिलियन डॉलर या 39 परसेंट खरीदते हैं. अब चूंकि भारत ने 100 परसेंट टेक्सटाइल और कपड़ों की टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस हासिल कर ली है तो इससे यूरोपीय बाजारों में पाकिस्तान के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है. टॉपलाइन सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड शंकर तलरेजा का कहना है, “FTA के लागू होने के साथ पाकिस्तान को मिल रहे फायदे को खोने का खतरा है. इससे घरेलू इंडस्ट्रीज के लिए आगे चलकर लागत बढ़ सकती है.
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