भारत नहीं आएंगे पाकिस्तान के खिलाड़ी, किया वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का बहिष्कार


पाकिस्तान ने भारत में होने वाले वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का बहिष्कार किया है. इस टूर्नामेंट का आयोजन 27 सितंबर से नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने जा रहा है. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और खराब होते चले गए, यही कारण है कि पाकिस्तान के खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए भारत नहीं आ रहे.

गुरुवार को एनपीसीपी (पाकिस्तान कि नेशनल पैरालंपिक कमेटी) ने ऐलान किया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट का बहिष्कार कर रहा है. सरकार की सलाह और पुलवामा आतंकी हमले के बाद बढे राजनितिक तनाव के चलते कमेटी ने ये फैसला किया.

एनपीसीपी ने महासचिव इमरान जमील शामी ने इसको लेकर कहा कि शुरू में पाकिस्तान ने अपने प्रमुख पैरालंपियन हैदर अली को पुरुषों की F37 थ्रोइंग कैटेगरी में नामांकित किया था, लेकिन जनता के गुस्से को देखते हुए टीम वापस ले ली गई. उन्होंने टूर्नामेंट में सुरक्षा कारणों का झूठा हवाला भी दिया. बता दें कि ये टूर्नामेंट 27 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच दिल्ली में आयोजित है.

जमील शामी ने आगे कहा, ‘हमने फैसला किया है कि वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स के लिए अपना दल नहीं भेजेंगे, क्योंकि हमें अपने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजर्स की सुरक्षा को लेकर डर था. सरकार ने भी यही सलाह दी थी कि टीम को न भेजें.”

उन्होंने एशिया कप 2025 का भी जिक्र किया, जो यूएई में खेला जा रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच टूर्नामेंट में 2 मैच खेले जा चुके हैं, लेकिन दोनों मुकाबलों में विवाद देखने को मिला. पहले मैच में हाथ नहीं मिलाने को लेकर और दूसरे मैच में पाकिस्तान के खिलाड़ियों द्वारा शर्मनाक जेस्चर को लेकर.

उन्होंने कहा, “आप देख ही रहे हैं, कि दुबई में एशिया कप में दोनों देशों की क्रिकेट टीमों के बीच क्या हुआ. उससे अंदाजा लगाया जा सकता है, हैदर और कोच भी भारत जाने में सहज महसूस नहीं कर रहे थे.”

104 देशों के 2200 एथलीट ले रहे हैं भाग

27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आयोजित इस इवेंट में 104 देशों के 2200 एथलीट भाग ले रहे हैं. इसमें भारत के 73 एथलीट हैं. बता दें कि भारत वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला चौथा एशियाई देश है. कतर (2015), यूएई (2019) और जापान (2024) इससे पहले मेजबानी कर चुका है.

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