बिरयानी के शहर में पखाला का जलवा; लोगों की पहली पसंद, जानें ऐसा क्या है खास

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Hyderabad Famous Dishes : हैदराबाद में गर्मी बढ़ने के साथ DUB रेस्तरां ने ओडिशा का पारंपरिक व्यंजन पखाला थाली पेश की है. इसमें पखाला भात, ओडिया दाल, चिंगुड़ी बेसारा, रोही माछा और छेना पोड़ा शामिल हैं. कीमत 399 रुपये से शुरू. पखाला महज एक भोजन नहीं, बल्कि ओडिशा की सदियों पुरानी परंपरा है. इसका मुख्य आधार पखाला भात है, जो पानी में भिगोए हुए हल्के किण्वित चावल होते हैं.

हैदराबाद. जैसे-जैसे शहर का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे खानपान के शौकीनों की पसंद भी बदल रही है. हैदराबाद की मशहूर बिरयानी और मसालेदार करी के बीच इस बार ओडिशा का एक पारंपरिक व्यंजन शहरवासियों का दिल जीत रहा है. मणिकोंडा स्थित द्रविड़ उत्कल बंगा DUB रेस्तरां ने भीषण गर्मी से राहत देने के लिए प्रामाणिक ओडिया पखाला थाली पेश की है, जो अपनी सादगी और ठंडक के लिए चर्चा का केंद्र बनी हुई है.

पखाला महज एक भोजन नहीं, बल्कि ओडिशा की सदियों पुरानी परंपरा है. इसका मुख्य आधार पखाला भात है, जो पानी में भिगोए हुए हल्के किण्वित चावल होते हैं. इसमें सरसों के बीज, ताजे करी पत्ते और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है, जो इसे हल्का खट्टा और बेहद ताजगी भरा स्वाद देता है. आयुर्वेद और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह व्यंजन न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है.

पारंपरिक स्वाद के साथ समर स्पेशल थाली
मणिकोंडा के लैंको हिल्स के पास स्थित DUB रेस्तरां ने इस थाली को बेहद करीने से सजाया है. इसमें पखाला भात के साथ कई पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं. सब्जियों के साथ घुटी हुई खास ओडिया दाल इसमें शामिल है. नॉन वेज विकल्प में सरसों के साथ बनी चिंगुड़ी बेसारा झींगा करी और रोही माछा मछली फ्राई परोसी जा रही है. इसके साथ कुरकुरा स्वाद देने के लिए बड़ी चूरा, भुनी हुई मौसमी सब्जियां और तीखी चटनियां भी दी जाती हैं. भोजन का समापन ओडिशा की मशहूर मिठाई छेना पोड़ा या छेना गजा के साथ होता है.

कीमत और शुरुआत की जानकारी
यह विशेष समर मेनू 14 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है. रेस्तरां के अनुसार पखाला थाली की कीमत 399 रुपये से शुरू होती है, जो चुने गए विकल्प वेज या नॉन वेज पर निर्भर करती है. हैदराबाद में रहने वाले ओडिया समुदाय के लिए यह थाली घर की याद जैसी है, वहीं स्थानीय हैदराबादियों के लिए यह एक नई और सेहतमंद सांस्कृतिक खोज साबित हो रही है. यदि आप इस गर्मी में सादा, पारंपरिक और ठंडक देने वाला भोजन तलाश रहे हैं, तो मणिकोंडा की यह पखाला थाली आपकी पसंद बन सकती है.

About the Author

Anand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

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