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Firozabad health news: फिरोजाबाद डेंटल डिपार्टमेंट प्रभारी डॉ. किरण ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि वह रोजाना ओरल कैंसर मरीजों का इलाज करती है. फिरोजाबाद में ओरल कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है,जिसका कारण यहां के लोग तंबाकू का अधिक सेवन कर रहे हैं. लोग मुंह में खुली या पैकेट वाली तंबाकू रखकर दिन बाहर चबाते हैं. इसके अलावा कुछ लोग नशीले मंजन का भी प्रयोग करते हैं.
फिरोजाबाद: फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंटल डिपार्टमेंट में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. लोग तंबाकू का अधिक सेवन कर रहे हैं. जिससे उनके मुंह में ओरल कैंसर के लक्षण देखने को मिल रहे हैं. मुंह में छाले और अधिक मुंह का न खुलना इसके कई कारण देखने को मिल रहे हैं. वही डेंटल स्पेशलिस्ट इस बीमारी को बेहद गंभीर बता रहे हैं. फिरोजाबाद में हर चौथा व्यक्ति ओरल कैंसर का शिकार हो रहा है. वही इसको लेकर डेंटल स्पेशलिस्ट अभियान के जरिए लोगों को जागरूक भी कर रही है. इसके साथ ही उनके पास आने वाले कई लोगों की जान भी बचाई जा चुकी है.
ओपीडी में डेली आ रहे ओरल कैंसर के मरीज
मरीजों को देती हैं ओरल कैंसर की जानकारी
जब उनको अधिक प्रॉब्लम होती है तब वह इलाज के लिए आते हैं. वह रोजाना अपनी ओपीडी में 10 से 12 मरीज ओरल कैंसर के ही देखती है. जिसमें मरीजों के मुंह में दिक्कत होने पर उनको ओरल कैंसर की जानकारी भी देती हैं. इसमें कुछ मरीजों को फर्स्ट स्टेज का ही ओरल कैंसर होता है जो जल्दी ही ठीक हो जाता है लेकिन कुछ मरीजों में लास्ट स्टेज का ओरल कैंसर देखने को मिलता है. इससे मरीजों को फिर कीमो थेरिपी या अन्य बड़े इलाज की जरूरत होती है. इसके लिए वह मरीजों को तुरंत कैंसर अस्पतालों के लिए रेफर करती है. वही डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने अब तक सैकड़ों ओरल कैंसर मरीजों की जान बचाई है. लेकिन फिर भी फिरोजाबाद में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
ओरल कैंसर की ये हैं लक्षण
फिरोजाबाद डेंटल डिपार्टमेंट प्रभारी ने बताया कि कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता की उनको मुंह में कैंसर के लक्षण शुरू हो गए हैं.इसलिए विभाग द्वारा जगह जगह ओरल कैंसर की जागरूकता के लिए कैंप भी लगाए जाते हैं. जिसमें लोगों को बताया जाता है कि ओरल कैंसर की पहचान कैसे करें.आगे आपका मुंह तीन उंगली के बराबर नहीं खुल रहा है तो डॉक्टर को दिखाएं,इसके अलावा मुंह के कोई छाला है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.ये लक्षण शुरुआती हो सकते हैं.वही उन्होंने कहा कि कई बार लोग लापरवाही करते हैं और फिर उस बीमारी अधिक बढ़ जाती है जिससे फिर मरीज की जान भी जा सकती है.वही उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद में अधिकतर मरीज मिडल क्लास और गरीबी रेखा वाले हैं.जिनको इसके इलाज की बेहद जरूरत है.लेकिन उनके यहां मरीजों को फ्री देखा जाता है.
जिले में ओरल कैंसर के ये है आंकड़े
फिरोजाबाद में ओरल कैंसर मरीजों की संख्या हर साल बढ़ती दिखाई दे रही है जो एक चिंता का विषय है.विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार साल 2017 में 192, साल 2018 में 218,साल 2019 में 241,साल 2020 में 163,साल 2021 में 289,साल 2022 में 314,साल 2023 में 356,साल 2024 में 382 और 2025 में 404 मरीजों की संख्या देखने को मिली है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें