एआई चैटबॉट चैटजीपीटी और एटलस ब्राउजर बनाने के बाद ओपनएआई अब एक और कमाल करने जा रही है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कंपनी एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डेवलप कर रही है. कंपनी एक सोशल नेटवर्क कॉन्सेप्ट पर काम कर रही है, जिसमें असली और वेरिफाइड यूजर्स के बीच कन्वर्सेशन पर जोर दिया जाएगा और इस पर बॉट्स और ऑटोमैटेड अकाउंट्स के लिए कोई जगह नहीं होगी.
अभी शुरू हुआ है प्रोजेक्ट पर काम
यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है और इस पर कंपनी की एक छोटी टीम काम कर रही है. अभी तक न तो इसकी लॉन्चिंग टाइमलाइन सामने आई है और न ही कंपनी की तरफ से इसे लेकर कुछ कहा गया है. कंपनी इस प्लेटफॉर्म को फेक प्रोफाइल, स्पैम एक्टिविटी और एआई-जनरेटेड एंगेजमेंट से दूर रखना चाहती है, जो आजकल दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी परेशानी बन गए हैं.
बाकी प्लेटफॉर्म से कैसे अलग होगा?
ओपनएआई का यह प्लेटफॉर्म ऑथेंटिकेशन के मामले में बाकियों से अलग होगा. यह साइन अप के लिए फोन नंबर और ईमेल एड्रेस जैसे ट्रेडिशनल तरीकों का यूज नहीं करेगा. कंपनी साइन अप के लिए फेशियल रिकग्नेशन जैसे बायोमैट्रिक्स चेक्स को यूज कर सकती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर अकाउंट किसी असली इंसान से जुड़ा हुआ है और कोई बॉट इसे यूज नहीं कर रहा है. हालांकि, इसे लेकर प्राइवेसी से जुड़ी चिंताएं भी जताई जा रही हैं. बायोमैट्रिक डेटा को काफी सेंसेटिव माना जाता है और एक्सपर्ट्स वार्निंग दे चुके हैं कि ऐसे डेटा के लीक होने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं.
एआई कंटेट शेयर करने की नहीं होगी मनाही
कहा जा रहा है कि ओपनएआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई कंटेट शेयर करने की मनाही नहीं होगी. यूजर्स एआई से जनरेटेड फोटो और वीडियो इस पर शेयर कर सकेंगे. आगे चलकर अगर यह प्लेटफॉर्म लॉन्चिंग की तरफ बढ़ता है तो यह इंस्टाग्राम और टिकटॉक समेत दूसरे प्लेटफॉर्म्स को कड़ा मुकाबला दे सकता है.
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