1 Fruit can fight all disease: जिस तरह फुटबॉल के मैदान में डिफेंडर अगर चपल और फुर्तिला हो तो तो प्रतिद्वंद्वी टीम के बॉल के अंदर गोल में नहीं घुसने देता. उसी तरह हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम होता है जो किसी भी तरह की बीमारियों के कारण को शरीर के अंदर नहीं घुसने देता. इम्यून सिस्टम हमारे शरीर में कई चीजों से बनी है जो कई लेयर पर काम करती है. इसमें हमारे लिंफ में तरल पदार्थ होता है तो हमारी पहली सुरक्षा परत होती है. इसके बाद हमारे खून में कई कोशिकाएं होती हैं जो खून के अंदर आने पर उसे मार देती है. इसके बाद टिशूज में कई कोशिकाएं होती हैं जो बाहरी दुश्मनों से हमारी रक्षा करती है. आप सोच रहे होंगे ये बातें क्यों बताई जा रही है. दरअसल, सारी बात इम्यून सिस्टम को मजबूत करने पर आकर टिक जाती है. महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इम्यून सिस्टम मजबूत होती कैसे है. इसके लिए हमारा हेल्दी खान-पान और हेल्दी लाइफस्टाइल जरूरी है. हमें हेल्दी भोजन करना चाहिए. रेगुलर एक्सरसाइज करनी चाहिए. पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और तनाव को प्रबंधित करना चाहिए. लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो अगर आप रोजाना कुछ न कुछ पपीता खाते हैं इम्यून सिस्टम के अधिकांश भाग को यह कवर कर सकता है क्योंकि पपीता इम्यून सिस्टम का बहुत बड़ा स्रोत है.
पपीता के 5 शानदार फायदे
1. विटामिन सी से भरपूर- टीओआई की खब के मुताबिक पपीते में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ा स्रोत है. यह एक ज़रूरी पोषक तत्व है और इसे भोजन या सप्लीमेंट से ही लिया जा सकता है. एक मध्यम आकार का पपीता हमारे लिए पूरा दिन का विटामिन सी दे सकता है. यह हमारे रोजाना की खपत के 100 % से भी अधिक वैल्यू प्रदान करता है. विटामिन सी हमारी इम्यून स्ट्रेंथ के लिए ज़रूरी है क्योंकि यह T और B लिम्फोसाइट्स की क्रिया को बढ़ाता है. ये दोनों तरह की श्वेत रक्त कोशिकाएं हैं जो इम्यून रिस्पॉन्स संभालती हैं. टी सेल्स संक्रमित कोशिकाओं पर हमला करके उन्हें नष्ट करती हैं जबकि B सेल्स एंटीबॉडी बनाकर वायरस और बैक्टीरिया जैसे कीटाणुओं से लड़ती हैं.
2. पाचन में मददगार- एक कप पपीता में लगभग 2.5 ग्राम फाइबर होता है. पपीते में मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संतुलित वृद्धि को बढ़ावा देता है क्योंकि शरीर की लगभग 70 प्रतिशत इम्यून कोशिकाएं आंत में ही होती हैं. पपीते में पाया जाने वाला प्राकृतिक एंजाइम पेपेन प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को भी बढ़ाता है. माना जाता है कि इसमें सूजन कम करने और एंटीवायरल गुण भी होते हैं.
3. सूजन को कम करता है- पपीते में विटामिन ए, बीटा-कैरोटीन और लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं यानी वह स्थिति जब फ्री रेडिकल्स शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता से ज्यादा हो जाते हैं. ये तत्व सूजन कम करने में मदद करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. पपीते के एक टुकड़े में करीब 3 मिलीग्राम लाइकोपीन होता है. माना जाता है कि यह एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे प्रोस्टेट कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है.
4. स्किन की चमक के लिए बेजोड़-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक पपीता स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद हो सकता है. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को झुर्रियों, त्वचा का ढीला पड़ना और उम्र के साथ होने वाले अन्य नुकसान के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार माना जाता है. पपीते में मौजूद विटामिन सी और लाइकोपीन त्वचा की रक्षा करते हैं और उम्र बढ़ने के इन लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.
5. एंटी-कैंसर गुण– रिसर्च से पता चलता है कि पपीते में मौजूद लाइकोपीन में कैंसर-रोधी गुण हो सकते हैं. हालांकि अभी तक कोई ऐसी स्टडी नहीं है जो यह साबित करे कि पपीता या पपीते का अर्क इंसानों में कैंसर से बचाव करता है फिर भी कुछ लोग कैंसर के इलाज के दौरान पपीता खाते हैं. पपीता फ्री रेडिकल्स को कम करके काम कर सकता है, जो कैंसर में योगदान देते हैं. हालांकि, कोई ठोस सुझाव देने से पहले इस पर और रिसर्च की ज़रूरत है.
पपीते को कैसे डाइट में शामिल करें
पपीते को आप आसानी से किसी भी भोजन में शामिल कर सकते हैं या इसे सीधे भी खा सकते हैं. पपीते के टुकड़ों को सलाद में मिलाना, फलों की स्मूदी में डालना या उस पर नींबू का रस निचोड़कर खाना, ये सभी तरीके स्वाद को और भी ताज़ा बना देते हैं.