लोगों पर हेलमेट की सख्ती शुरू, पर किसी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं
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शहर के ट्रैफिक सुधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे के दौरे को एक महीना पूरा हो गया है। हैरत की बात यह है कि प्रशासन, नगर निगम और एनएचएआई को उन्होंने सड़क सुधार को लेकर कई अहम निर्देश दिए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने उनमें से सिर्फ हेलमेट की सख्ती के एक बिंदु पर ही काम किया। ब्लैक स्पॉट, सड़क के गड्ढे, ट्रैफिक जाम जैसे कई महत्वपूर्ण काम रह गए।
अगर ब्लैक स्पॉट की ही बात करें तो 16 ब्लैक स्पॉट में चार साल में 124 दुर्घटनाओं में 119 मौतें हाे चुकी है। लेकिन इन पर अब तक कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया। इन 16 ब्लैक स्पॉट में से 9 तो सिर्फ बायपास पर ही है, लेकिन वहां अब तक सड़क के गड्ढे तक नहीं भरे गए हैं। एनएचएआई हो या नगर निगम किसी ने भी इस दौरान घटिया काम करने को लेकर एक भी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की है।
जस्टिस सप्रे ने अफसरों से स्पष्ट कहा था कि नियमों का पालन आमजन से करवाना है तो शुरुआत सरकारी महकमों से हो। लेकिन सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग सहित अन्य तमाम बिंदुओं पर जमीनी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
बारिश के कारण बायपास और सर्विस रोड के गड्ढे और खराब हुए; फिटनेस, ओवरलोडिंग पर भी सख्ती नहीं

दोनों प्रमुख पाइंट पर काम किया है
रोड सेफ्टी के दो मुख्य पॉइंट, हेलमेट और ब्लैक स्पॉट्स थे, दोनों पर काम किया है। बाकी मुद्दे नगर निगम स्तर के हैं, जिन पर काम जारी है। गड्ढे भरने के लिए जीएसबी का भरावकर रोलिंग करवा दी है, यह अस्थाई है। – आशीष सिंह, कलेक्टर
डायवर्शन के कारण सड़कें खराब हुई हैं
शॉर्ट टर्म सुधार किए हैं, लॉन्ग टर्म काम बारिश बाद करेंगे। मोरटक्का पुल पर वजन सीमा के कारण सामग्री आने में देरी हुई है। डायवर्शन से सड़कें खराब हुई थीं, जिनका सुधार करवाया जा रहा है। – प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
घटिया काम की सूची बना रहे हैं
खराब सड़के बनाने और घटिया काम करने वाले ठेकेदारों की सूची बनवा रहे हैं। जांच के बाद उन पर सख्त कार्रवाई जरूर होगी। सड़कों पर अस्थायी पैचवर्क किया जा रहा है, बारिश के बाद पक्का डामर लगाया जाएगा। – शिवम वर्मा, निगमायुक्त
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