उधर पुतिन ने पीएम मोदी को किया फोन, इधर मॉस्को पहुंच गए जयशंकर, क्या है वजह

Last Updated:

S Jaishankar Russia Visit: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 दिनों के रूस दौरे पर मॉस्को पहुंचे हैं. वे रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मिलेंगे. इस दौरे का मकसद भारत-रूस साझ…और पढ़ें

उधर पुतिन ने पीएम मोदी को किया फोन, इधर मॉस्को पहुंच गए जयशंकर, क्या है वजहभारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 दिनों के रूस दौरे पर मंगलवार रात मॉस्को पहुंच गए हैं. (फाइल फोटो)
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार रात मॉस्को पहुंच गए हैं. जयंशकर का 3 दिनों का यह रूस दौरा भारत-रूस संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्री इस दौरान रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मुलाकात करेंगे.

जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी. पुतिन ने पीएम मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अलास्का में हुई मुलाकात और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की जानकारी दी थी. मोदी और पुतिन के बीच यह बातचीत 10 दिनों में दूसरी बार हुई है.

रूस में क्या-क्या करेंगे जयशंकर?

विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि जयशंकर का यह दौरा 19-21 अगस्त 2025 तक रहेगा. वे 20 अगस्त को होने वाली भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की 26वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे. इसके अलावा वे इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगे. इसमें कहा गया कि अपने दौरे के दौरान जयशंकर, लावरोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण साझा करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का मकसद ‘भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना’ है.

जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25% टैरिफ दंड स्वरूप लगा दिया है. इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मास्को पहुंचे थे और उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी.

तेल खरीद पर बनेगी बात!

अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रियों, जिनमें ट्रंप प्रशासन के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं, ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है.

अमेरिका के दबाव और चीन के बढ़ते दबदबे के बीच, भारत रूस को एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार मानता है. दशकों से रक्षा और रणनीतिक मामलों में रूस भारत का प्रमुख सहयोगी रहा है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात इस महीने के अंत में चीन के तियानजिन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है. इसके अलावा इस साल के अंत में पुतिन के भारत दौरे की संभावना पर भी बातचीत चल रही है.

Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T… और पढ़ें

homeworld

उधर पुतिन ने पीएम मोदी को किया फोन, इधर मॉस्को पहुंच गए जयशंकर, क्या है वजह

.

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *