वाजपेयी की 101वीं जयंती पर पीतल पर शांति विधेयक 2025: इंदौर के एडवोकेट ने साढ़े तीन घंटों में 83 पन्नों पर किया तैयार; जनवरी में PM तक पहुंचाएंगे – Indore News

ब्रह्मलीन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के उपलक्ष्य में इंदौर के एडवोकेट लोकेश मंगल द्वारा शांति विधेयक 2025 पीतल पर हूबहू छापा गया है। यह शांति विधेयक 2025 लोकसभा द्वारा 17 दिसंबर को लोकसभा और 18 दिसंबर को व राज्यसभा द्वा

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एडवोकेट मंगल ने इसे पीतल के 83 पृष्ठों पर छापा गया। उन्होंने बताया कि इसे गुरुवार शाम को इसे साढ़े तीन घंटे में तैयार किया है जिसमें 28 लोगों की टीम जुटी थी। इसे पीतल के पन्नों पर लेजर से उकेरा गया है। स्व. वाजपेयी दलगत राजनीति से हटकर देश हित में कदम उठाते थे। आज स्व. वाजपेयी की 101वीं जयंती है इसलिए इसे साढ़े तीन घंटे में छापकर तैयार किया। अब जनवरी 2026 में इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी भेजा जाएगा।

पीतल पर उकेरा गया है शांति विधेयक।

83 पृष्ठों में ऐसा छापा है विधेयक

खंडों की व्यवस्था

अध्याय I 1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ। 2. परिभाषाएं। अध्याय II लाइसेंस और सुरक्षा प्राधिकरण का अनुदान 3. परमाणु ऊर्जा के उत्पादन या उपयोग के लिए लाइसेंस और सुरक्षा प्राधिकरण। 4. रेडियोधर्मी पदार्थ और विकिरण उत्पन्न करने वाले उपकरणों का विनियमन। 5. कुछ स्रोत सामग्री का खनन और प्रसंस्करण। 6. लाइसेंस और सुरक्षा प्राधिकरण के लिए आवेदन। 7. लाइसेंस या सुरक्षा प्राधिकरण प्रदान करने की शर्तें। 8. लाइसेंस या सुरक्षा प्राधिकरण का निलंबन या रद्द करना, आदि। 9. अनुसंधान, विकास और नवाचार गतिविधियों को लाइसेंस से छूट। अध्याय III कर्तव्य और दायित्व 10. लाइसेंस या सुरक्षा प्राधिकरण प्राप्त व्यक्तियों और अन्य व्यक्तियों के कर्तव्य। 11. परमाणु प्रतिष्ठान के संचालक का दायित्व। 12. कुछ परिस्थितियों में संचालक उत्तरदायी नहीं होगा। 13. परमाणु घटना के लिए दायित्व की सीमाएं। 14. केंद्र सरकार का दायित्व। 15. संचालक को बीमा या वित्तीय प्रतिभूतियां बनाए रखना होगा। 16. संचालक का प्रतिपूर्ति का अधिकार। अध्याय IV परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड 17. परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड का गठन। 18. बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा के नियम और शर्तें। 19. बोर्ड के अध्यक्ष या सदस्य का इस्तीफा और निष्कासन। 20. बोर्ड के रिक्त पदों को भरना। 21. बोर्ड की बैठकें। 22. रिक्तियां, आदि, बोर्ड की कार्यवाही को अमान्य नहीं करेंगी। 23. बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी। 24. बोर्ड की शक्तियां और कार्य। 25. रणनीतिक प्रकृति की गतिविधियों का विनियमन। 26. परमाणु घटना की सूचना। 27. बोर्ड द्वारा प्रत्यायोजन और समीक्षा। अध्याय V निरीक्षण, जांच, तलाशी और जब्ती 28. प्रवेश और निरीक्षण। 29. जांच का संचालन। 30. तलाशी और जब्ती। 31. जांच, तलाशी या जब्ती के बाद की गई कार्रवाई। अध्याय VI केंद्र सरकार की सामान्य शक्तियां और कार्य। 32. केंद्र सरकार की सामान्य शक्तियां और कार्य। 33. कुछ मामलों में अधिग्रहण अधिकारों का निहित होना। 34. कुछ पदार्थों की मांग। 35. अनुबंधों का नवीनीकरण। 36. अधिग्रहण, मांग, निषेध आदि के लिए मुआवजे का निर्धारण। 37. बिजली के संबंध में विशेष प्रावधान। 38. आविष्कारों के संबंध में विशेष प्रावधान। 39. प्रतिबंधित जानकारी। 40. निषिद्ध क्षेत्र। 41. सामग्री, सुविधाओं या प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने की शक्ति। 42. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य का प्रशासन

शर्तें संहिता, 2020। 43. शक्तियों का प्रत्यायोजन। 44. छूट की शक्ति। 45. निर्देश जारी करने की शक्ति। 46. आपातकालीन शक्तियां। अध्याय VII समीक्षा आवेदन और अपीलें 47. परमाणु ऊर्जा निवारण सलाहकार परिषद की स्थापना। 48. परिषद द्वारा विवादों का निवारण। 49. अपीलीय न्यायाधिकरण। 50. अपीलीय न्यायाधिकरण के तकनीकी सदस्य। 51. अपीलें। 52. सर्वोच्च न्यायालय में अपीलें। अध्याय VIII परमाणु क्षति के लिए मुआवजा धाराएं 53. परमाणु क्षति के दावों के लिए क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार। 54. दावा आयुक्त। 55. दावों के लिए आवेदन आमंत्रित करना। 56. परमाणु क्षति दावा आयोग की स्थापना। 57. दावा आयोग की संरचना। 58. दावा आयोग के अध्यक्ष की शक्तियां। 59. दावा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा की शर्तें। 60. दावा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य का इस्तीफा और पद से हटाना। 61. दावा आयोग में रिक्तियों को भरना। 62. दावा आयोग के अधिकारी और अन्य कर्मचारी। 63. मुआवजे के लिए आवेदन और लंबित मामलों को दावा आयोग को हस्तांतरित करना। 64. परमाणु क्षति के संबंध में मुआवजे के लिए आवेदन। 65. दावों के लिए न्यायनिर्णयन प्रक्रिया। 66. मुआवजे का पुरस्कार। 67. दावा करने के अधिकार का समाप्त होना। 68. पुरस्कारों का प्रवर्तन। 69. कुछ परिस्थितियों में दावा आयोग का विघटन। अध्याय IX अपराध और दंड 70. दंड। 71. अपराधों के लिए सजा। 72. कंपनियों द्वारा अपराध। 73. सरकारी विभागों द्वारा अपराध। 74. अपराधों का संज्ञान। 75. अपराधों की जांच करने की शक्ति। 76. अपराधों का समझौता करने की शक्ति। अध्याय X विविध 77. केंद्र सरकार द्वारा बोर्ड को अनुदान। 78. बोर्ड के खाते और लेखा परीक्षा। 79. बोर्ड द्वारा रिटर्न और रिपोर्ट प्रस्तुत करना। 80. दावा आयोग द्वारा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना। 81. सिविल न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर रोक। 82. सद्भावना में की गई कार्रवाई का संरक्षण। 83. पहली और दूसरी अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति। 84. नियम बनाने की शक्ति। 85. नियम बनाने की शक्ति। 86. नियम, विनियम संसद के सामने रखे जाएंगे। 87. अधिनियम का अधिभावी प्रभाव होगा। 88. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति। 89. अधिनियम संख्या 39, 1970 में संशोधन। 90. अधिनियम सरकार पर बाध्यकारी होगा। 91. निरसन और बचत। पहली अनुसूची। दूसरी अनुसूची। तीसरी अनुसूची

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