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Perimenopause And Brain Fog: 30- 50 के बीच महिलाओं में पेरिमेनोपॉज फेस शुरू होता है. इसमें रेगुलर पीरियड्स नहीं होने से लेकर प्राइवेट पार्ट में ड्राइनेस, मूड स्विंग जैसे लक्षण दिखते हैं. इसमें एक ब्रेन फॉग की समस्या भी होती है. इस स्टेज पर महिलाओं के ब्रेन और हार्मोन्स के बीच क्या एक्शन और रिएक्शन होता है चलिए समझते हैं.
अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु हमेशा से सेहत और वेलनेस को लेकर खुलकर बात करती रही हैं. हाल ही में उन्होंने दुबई की न्यूट्रिशनिस्ट राशी चौधरी के साथ पेरिमेनोपॉज पर बातचीत की. यह बातचीत सामंथा के यूट्यूब चैनल पर साझा की गई, जिसमें महिलाओं को मेनोपॉज से पहले के इस बदलाव वाले दौर में होने वाली परेशानियों पर चर्चा हुई. इनमें से एक बहुत आम समस्या है ब्रेन फॉग.
ब्रेन फॉग के कारण कई महिलाओं को सोचने में सुस्ती, याददाश्त कमजोर होना, ध्यान न लगना और उलझन महसूस होती है. बातचीत के दौरान सामंथा ने पूछा कि ब्रेन फॉग से कैसे निपटा जाए और दिमाग को फिर से तेज कैसे बनाया जाए. इस पर राशी चौधरी ने आसान भाषा में बताया कि ब्रेन फॉग क्यों होता है और इसे ठीक करने के लिए रोजमर्रा की किन आदतों से मदद मिल सकती है. आइए समझते हैं-
ब्रेन फॉग क्या है?
ब्रेन फॉग कोई बीमारी नहीं है. यह एक स्थिति है जिसमें इंसान को मानसिक थकान, भूलने की आदत और फोकस की कमी महसूस होती है. पेरिमेनोपॉज के दौरान हार्मोन और मेटाबॉलिज्म में बदलाव के कारण यह ज्यादा होता है.
पेरिमेनोपॉज में ब्रेन फॉग होने का कारण
राशी चौधरी के अनुसार, सामान्य दिनों में दिमाग में एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स होते हैं. ये ग्लूकोज को ऊर्जा (ATP) में बदलते हैं, जिससे याददाश्त बनती है. लेकिन पेरिमेनोपॉज में एस्ट्रोजन कम होने लगता है, इसलिए यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके अलावा, इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड शुगर ऊपर-नीचे होती रहती है. इससे दिमाग को लगातार ऊर्जा नहीं मिलती और सोचने में सुस्ती आती है, जिसे ब्रेन फॉग कहते हैं.
ब्रेन फॉग से कैसे निपटें?
दिन की शुरुआत हेल्दी फैट से करें- सुबह चीनी की जगह हेल्दी फैट लें. एक चम्मच घी, मक्खन या नारियल तेल के साथ ताजी हल्दी की जड़ और काली मिर्च लें. ये दिमाग के लिए फायदेमंद होते हैं और नूट्रोपिक की तरह काम करते हैं.
लायन्स मेन मशरूम जोड़ें- आधा चम्मच लायन्स मेन मशरूम पाउडर कॉफी, मुलेठी की चाय या किसी सुबह के ड्रिंक में मिलाएं. यह कॉग्निटिव हेल्थ को सपोर्ट करता है.
सप्लीमेंट सही तरीके से लें- क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट और CoQ10 जैसे सप्लीमेंट दिमाग की ऊर्जा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. क्रिएटिन भी एक नूट्रोपिक की तरह काम करता है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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