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Delhi Government School Students : सरकारी स्कूलों को लेकर अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे कुछ बड़ा नहीं कर पाते, लेकिन दिल्ली के दो छात्रों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. द्वारका के सीएम श्री स्कूल के तनिष्क और आयुष ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ऐसे इनोवेशन तैयार किए हैं, जो न सिर्फ तकनीकी रूप से शानदार हैं बल्कि समाज के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं. एक तरफ बिना इंटरनेट काम करने वाला AI सिस्टम है, तो दूसरी ओर हाथों के इशारों से चलने वाला डिजिटल बोर्ड—इन दोनों आविष्कारों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती. रिपोर्ट- अंजली सिंह
लोग कहते हैं सरकारी स्कूल के बच्चे कुछ नहीं कर सकते हैं. वहां पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं होती है, लेकिन दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने इस बात को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है. सरकारी स्कूल के दो बच्चों ने बना दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित दो ऐसे सिस्टम हैं, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे.
इन सरकारी स्कूल के बच्चों को हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंपैक्ट समिट में सरकार की ओर से स्टॉल लगाने की अनुमति भी मिल गई थी. वहां पर जिन लोगों ने इन बच्चों के इनोवेशन को देखा वो देखते ही रह गए और तारीफ करते हुए नहीं थके. आपको बता दें कि दोनों बच्चों का नाम तनिष्क और आयुष है. दोनों ही दिल्ली के द्वारका सेक्टर पांच स्थित सीएम श्री स्कूल के छात्र हैं.
सबसे पहले इनोवेशन की बात करें तो आयुष ने बनाया है एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम, जिसे उन्होंने ऑफलाइन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम दिया है. यह बिना किसी एप्लीकेशन और बिना किसी सॉफ्टवेयर और तो और बिना किसी इंटरनेट या वाई-फाई कनेक्शन के आपके सवालों का जवाब देगा. यानी एक तरह से बिना इंटरनेट के चैट जीपीटी की तरह यह काम करेगा. इसे पूरी तरह से उन्होंने निशुल्क रखा है.
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आयुष का कहना है कि इस सिस्टम को उन्होंने इसलिए बनाया है. ताकि जो हमारे देश के गांव हैं. जहां पर इंटरनेट कनेक्शन नहीं पहुंच पाता या इंटरनेट कनेक्शन की जो स्पीड है. वो धीमी होती है. वहां के बच्चे इसके जरिए पढ़ाई कर सकते हैं. उनको काफी मदद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफलाइन कर देगा. उनके सभी सवालों का जवाब देगा, जिससे उन्हें पढ़ने में आसानी होगी और इसे निशुल्क अनलिमिटेड इस्तेमाल किया जा सकता है.
दूसरे छात्र तनिष्क ने बनाया है एक ऐसा डिजिटल बोर्ड, जो आपके हाथों के इशारों पर काम करेगा. यानी आप अगर कोई भी शेप बनाना चाहें तो यह आपके हाथों के इशारों को समझ कर उस शेप को बना देगा. और तो और भविष्य में इसमें तनिष्क टेक्स्ट भी डालेंगे.
यानी जो दिव्यांग हैं. वो ईशारा करेंगे और उनकी बात को यह डिजिटल बोर्ड लिख देगा. यह कमाल का इनोवेशन तनिष्क ने किया है. उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि इस डिजिटल बोर्ड को स्मार्ट क्लास में इस्तेमाल किया जाए और वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों और लोगों तक यह पहुंचे.
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