ऑफिस की कुर्सी बना रही पीठ की दुश्मन या गर्दन घुमाते ही हो रहा दर्द? रोज करें ये योगासन

Marjariasana Benefits: ऑफिस की कुर्सी, लैपटॉप की स्क्रीन और घंटों तक एक ही पोज़िशन में बैठकर काम-आज की लाइफस्टाइल का यह कॉम्बिनेशन धीरे-धीरे शरीर पर भारी पड़ने लगा है. कई लोग दिन के अंत तक गर्दन घुमाने में भी दर्द महसूस करते हैं, तो किसी को कमर सीधी करने में खिंचाव लगता है. खासकर आईटी, बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वालों के बीच सर्वाइकल और लोअर बैक पेन तेजी से बढ़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि इसका बड़ा कारण है-लंबे समय तक बैठना, झुकी हुई मुद्रा और शरीर की कम मूवमेंट. ऐसे में योग का एक बेहद आसान आसन, मार्जरी आसन, इन समस्याओं में राहत देने वाला माना जा रहा है. अच्छी बात यह है कि इसे घर या ऑफिस में कुछ ही मिनट में किया जा सकता है.

मार्जरी आसन क्या है और क्यों है खास
मार्जरी आसन को अंग्रेज़ी में कैट पोज़ कहा जाता है, क्योंकि इसे करते समय शरीर की मुद्रा बिल्ली की तरह दिखाई देती है. इस आसन में रीढ़ को लहर की तरह ऊपर-नीचे मोड़ा जाता है, जिससे पूरी स्पाइन सक्रिय होती है. योग विशेषज्ञों के मुताबिक, यह उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या जिनकी पीठ और गर्दन में जकड़न रहती है. दरअसल, जब हम लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठे रहते हैं तो रीढ़ की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और उनमें ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है. मार्जरी आसन उस जकड़न को धीरे-धीरे खोलने में मदद करता है. यही वजह है कि फिजियोथेरेपिस्ट भी इसे बैक पेन के शुरुआती मामलों में सुझाते हैं.

रीढ़ और गर्दन के लिए कैसे करता है काम
मार्जरी आसन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें स्पाइन की पूरी रेंज ऑफ मोशन इस्तेमाल होती है. जब पीठ को ऊपर मोड़ा जाता है तो रीढ़ के पीछे की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं, और जब नीचे झुकाया जाता है तो आगे की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. यह क्रम स्पाइन को लचीला बनाने में मदद करता है. गर्दन के दर्द से जूझ रहे लोगों को इसमें खास राहत मिलती है, क्योंकि इसमें गर्दन को भी नियंत्रित तरीके से ऊपर-नीचे किया जाता है. ऑफिस में स्क्रीन की तरफ झुककर बैठने से जो तनाव जमा होता है, वह धीरे-धीरे कम होने लगता है. कई योग प्रशिक्षकों का कहना है कि नियमित अभ्यास से सर्वाइकल की शुरुआती समस्या में काफी सुधार देखा गया है.

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क्या कहते हैं आयुर्वेद और योग विशेषज्ञ
योग और आयुर्वेद दोनों में मार्जरी आसन को रीढ़ स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना गया है. आयुर्वेदिक दृष्टि से यह वात दोष को संतुलित करने में मदद करता है, जो शरीर में दर्द और जकड़न का बड़ा कारण माना जाता है. नियमित अभ्यास से कमर दर्द, सायटिका और कंधों की जकड़न में राहत मिल सकती है. योग विशेषज्ञ बताते हैं कि यह आसन केवल दर्द तक सीमित नहीं है. इससे पेट के अंगों पर हल्का दबाव और खिंचाव पड़ता है, जिससे पाचन बेहतर होता है. सांस के साथ तालमेल बनाकर करने पर यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. कई लोगों ने अनुभव किया है कि इसे करने के बाद शरीर हल्का और रिलैक्स महसूस करता है, जिससे तनाव कम होता है और नींद बेहतर आती है.

रोजमर्रा की जिंदगी में दिखने वाला फर्क
भोपाल की आईटी प्रोफेशनल नेहा (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि उन्हें कई महीनों से गर्दन में जकड़न रहती थी. फिजियोथेरेपी के साथ उन्होंने रोज सुबह 5 मिनट मार्जरी आसन शुरू किया. लगभग तीन हफ्तों में दर्द की तीव्रता कम होने लगी और अब वे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुकी हैं. इसी तरह कई कॉर्पोरेट कर्मचारियों में भी हल्के-फुल्के योग अभ्यास से पीठ दर्द में सुधार देखा गया है. असल में, शरीर को नियमित मूवमेंट की जरूरत होती है. जब हम पूरे दिन स्थिर रहते हैं, तो मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं. मार्जरी आसन उस स्थिरता को तोड़कर स्पाइन को फिर से गतिशील बनाता है. यही कारण है कि इसे ऑफिस ब्रेक योग के तौर पर भी अपनाया जा रहा है.

मार्जरी आसन करने का सही तरीका
इस आसन को करने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती, केवल समतल जगह या योगा मैट पर्याप्त है. सबसे पहले घुटनों के बल बैठें और दोनों हाथ कंधों के नीचे जमीन पर रखें. शरीर को टेबल जैसी स्थिति में स्थिर करें. अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पीठ को ऊपर की ओर गोल करें, पेट अंदर खींचें और ठुड्डी को छाती की तरफ लाएं. कुछ सेकंड रुकें. फिर सांस भरते हुए पीठ को नीचे झुकाएं, पेट ढीला छोड़ें और गर्दन को ऊपर उठाएं. यह एक चक्र हुआ. शुरुआत में 8-10 बार आराम से करें.

किन बातों का रखें ध्यान
इस आसन को करते समय झटके से मूवमेंट न करें. सांस और गति का तालमेल बनाए रखें. अगर तेज दर्द या गंभीर स्पाइन समस्या है तो पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें. गर्भावस्था या सर्जरी के बाद भी इसे सावधानी से करना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात-इसे रोजाना करने से ही फायदा दिखता है, कभी-कभार करने से नहीं. अंत में, विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे योग अभ्यास ही बड़े दर्द से बचा सकते हैं. मार्जरी आसन ऐसा ही एक आसान और असरदार उपाय है, जिसे दिन के कुछ मिनट देकर गर्दन और पीठ को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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