मोटापा से इंफेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा, 10 में से 1 की मौत समय से पहले, लैंसेट की रिपोर्ट डराने वाली

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Obesity Infection Risk: मोटापा भले ही तत्काल कोई नुकसान न पहुंचाए लेकिन यह जिंदगी को धीरे-धीरे खोखला कर देता है. लेंसेट की नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों का वजन बढ़ा होता है, उनमें इंफेक्शन डिजीज का खतरा ज्यादा रहता है. रिसर्च के मुताबिक 10 में से 1 मोटे व्यक्ति की इस कारण मौत भी हो जाती है.

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ज्यादा वजन यानी बीमारियों का घर.

Obesity Infection Risk: भारत के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वयस्क पुरुषों में 23 प्रतिशत और वयस्क महिलाओं में 24 प्रतिशत मोटापे के शिकार है. मोटे तौर पर देखा जाए भारत में 25 प्रतिशत वयस्क मोटापे के शिकार है. मोटापे से बेशक तत्काल कोई नुकसान न दिखता हो लेकिन यह जिंदगी को छोटी कर देता है. मोटापे के कारण लिवर, किडनी, पेट, फैटी डिजीज, जैसी परेशानियां होने लगती है. इतना ही नहीं मोटापे के कारण कैंसर का खतरा भी ज्यादा रहता है. अब एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग मोटापे के शिकार होते हैं, उनमें इंफेक्शन डिजीज का खतरा ज्यादा रहता है. लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी के मुताबिक 2023 में दुनियाभर में इंफेक्शन से होने वाली हर 10 में से लगभग 1 मौत का संबंध मोटापे से था.

अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम भी ज्यादा
फिनलैंड और ब्रिटेन के 5 लाख 40 हजार से ज्यादा वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद पाया गया कि मोटापे से पीड़ित लोगों में सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा 70 प्रतिशत ज्यादा था. जिन लोगों को बहुत ज्यादा गंभीर मोटापा था, उनमें इंफेक्शन का खतरा तीन गुना तक अधिक पाया गया. मोटापा एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें शरीर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है. इसे आमतौर पर बॉडी मास इंडेक्स (BMI) से मापा जाता है. अगर किसी व्यक्ति का BMI 30 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर या उससे ज्यादा है, तो उसे मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है. लैंसेट में प्रकाशित इस अध्ययन ने एक महत्वपूर्ण कमी को पूरा करने की कोशिश की. शोध में बताया गया कि कोविड-19 महामारी के दौरान मोटापे से ग्रस्त लोगों में SARS-CoV-2 संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा ज्यादा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि क्या ऐसा खतरा अन्य संक्रामक बीमारियों में भी होता है या नहीं.

6 लाख मौतें मोटापा से जुड़ी हुई 
इस सवाल का जवाब खोजने के लिए शोधकर्ताओं ने करीब साढ़े 4 लाख लोगों के हेल्थ डाटा का विश्लेषण किया. अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों का BMI शुरुआत में दर्ज किया गया और उन्हें औसतन 13 से 14 वर्षों तक फॉलो किया गया. इस अवधि में शोधकर्ताओं ने इंफेक्शन डिजीज के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मौत के मामलों पर नजर रखी. शोध में पाया गया कि मोटापा ज्यादातर संक्रमणों से गंभीर रूप से बीमार होने या मृत्यु के खतरे को बढ़ाता है. इनमें फ्लू, कोविड-19, निमोनिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और सांस संबंधी इंफेक्शन शामिल है. जैसे-जैसे शरीर का वजन बढ़ता है, इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है. वैश्विक अनुमान समझने के लिए शोधकर्ताओं ने ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (GBD) अध्ययन के आंकड़ों का भी उपयोग किया. उन्होंने पाया कि वर्ष 2023 में दुनिया भर में इंफेक्शन डिजीज से हुई 54 लाख मौतों में से लगभग 6 लाख मौतें (करीब 10.8 प्रतिशत या हर दस में से एक) मोटापे से जुड़ी हो सकती हैं.

इस रिसर्च से सावधान हो जाना चाहिए
फिनलैंड के हेलसिंकी विश्वविद्यालय की डॉ. सोल्या न्यबर्ग ने कहा, हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में कई तरह की संक्रामक बीमारियों से गंभीर रूप से बीमार होने या मृत्यु का खतरा काफी ज्यादा होता है. अगर वैश्विक स्तर पर मोटापे की दर बढ़ती रही, तो इससे जुड़े संक्रमणों के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मौतों की संख्या भी बढ़ेगी. इस अध्ययन का असर अलग-अलग देशों में अलग रहा. अमेरिका में संक्रमण से जुड़ी हर चार मौतों में से एक का संबंध मोटापे से पाया गया. ब्रिटेन में यह अनुपात लगभग हर छह में से एक था. वहीं वियतनाम में यह हिस्सा बहुत कम, करीब 1 प्रतिशत रहा. शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इन निष्कर्षों को सावधानी से समझना चाहिए, क्योंकि यह विश्लेषण ऑब्जर्वेशनल डेटा पर आधारित है. इसका मतलब है कि इससे कारण और परिणाम का सीधा संबंध साबित नहीं किया जा सकता.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें

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मोटापा से इंफेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा, 10 में से 1 की मौत समय से पहले

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