Last Updated:
Jayfal Ke Fayde: जायफल केवल स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि आयुर्वेद में एक प्रभावशाली औषधि माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन सुधारने, नींद लाने, तनाव कम करने और इम्युनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं. जायफल का सीमित मात्रा में सेवन दांत दर्द, पेट की समस्याओं और अनिद्रा में भी लाभकारी माना जाता है. संतुलित उपयोग से जायफल शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है.
जायफल को अक्सर लोग रसोई का एक साधारण मसाला समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक शक्तिशाली प्राकृतिक औषधीय बीज है. जायफल सदाबहार पेड़ का बीज होता है, जिसका उपयोग प्राचीन काल से आयुर्वेद, यूनानी और घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है. इसकी सुगंध तेज़, स्वाद हल्का मीठा और प्रभाव गर्म तासीर वाला होता है, जिस कारण यह शरीर और मन दोनों पर गहरा असर डालता है.

आधुनिक विज्ञान भी अब मानता है कि जायफल में कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जैसे एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण. यही कारण है कि सीमित मात्रा में लिया गया जायफल पाचन से लेकर नींद, मानसिक शांति और नसों के स्वास्थ्य तक में सहायक माना जाता है. जायफल रसोई में रखा एक छोटा-सा बीज होते हुए भी स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत बड़ा महत्व रखता है.

हेल्थ एक्सपेक्ट डॉक्टर अंजु चौधरी के अनुसार जायफल का सबसे बड़ा लाभ पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है. यह गैस, अपच, पेट फूलना और पेट दर्द जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. इसकी गर्म तासीर पाचन अग्नि को सक्रिय करती है, जिससे भोजन सही तरीके से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जायफल को लाभकारी माना जाता है. यह दिमाग को शांत करता है, तनाव कम करता है और नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है.यही वजह है कि पारंपरिक रूप से रात को गुनगुने दूध में जायफल मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार जायफल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं, जिससे समय से पहले बुढ़ापा, कमजोरी और कोशिकाओं की क्षति कम होती है. इसके सूजन-रोधी गुण जोड़ों के दर्द और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक माने जाते हैं. इसके अलावा जायफल मुंह और दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह में पनपने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को कम करते हैं, जिससे बदबू और दांत दर्द में राहत मिल सकती है.

ग्रामीण शारदा देवी ने बताया कि जायफल का उपयोग हमेशा बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए. सोने से पहले एक कप गुनगुने दूध में सिर्फ एक चुटकी जायफल पाउडर मिलाकर पीने से तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है. खाने में जायफल का प्रयोग स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए किया जा सकता है. सब्ज़ी, दाल, खीर, हलवा या किसी भी मीठे व्यंजन में चुटकी भर जायफल डालने से स्वाद के साथ पाचन लाभ भी मिलता है.

दांत दर्द की स्थिति में जायफल पाउडर को थोड़े से शहद या पानी के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से राहत मिल सकती है. त्वचा के लिए जायफल को दूध या गुलाब जल में मिलाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार दिखती है. जायफल केवल स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि सही मात्रा में लिया जाए तो यह शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी प्राकृतिक औषधि है.