इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के एक अर्दली पर नर्सिंग अधिकारियों से निवेश के नाम पर 2 करोड़ 92 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी युवक के साथ उसकी पत्नी और मां को भी आरोपी बनाया है।
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नर्सिंग अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज
हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार नरेंद्र कुमार सागर, दयानंद बेनीवाल, अयुष दधीच और दलवीर प्रजापत की शिकायत पर दीपेश पुत्र दिनेश रायकवार, उसकी मां शीला रायकवार और पत्नी आकांक्षा रायकवार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रॉपर्टी निवेश में मुनाफे का झांसा दिया
पुलिस के अनुसार सभी पीड़ित कर्मचारी राज्य बीमा निगम में नर्सिंग ऑफिसर हैं और राजस्थान के निवासी हैं। आरोपी दीपेश निगम में अर्दली के पद पर कार्यरत है। उसने अधिकारियों से पहचान बढ़ाकर प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में निवेश कराने और अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया।
कंपनियों में निवेश के नाम पर रकम ली
आरोपी ने पीड़ितों से कुल 2.92 करोड़ रुपए लेकर अपनी पत्नी और मां के नाम से संचालित रायकवार ट्रेडर्स और एकदंत कंपनी में निवेश करने की बात कही। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो कोई प्रॉपर्टी दिखाई गई और न ही पैसा निवेश किया गया।
रकम वापस मांगने पर टालमटोल करता रहा
पीड़ितों ने जब निवेश की जानकारी और पैसा वापस मांगा तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद सभी अधिकारियों ने हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र कुमार सागर ने 91 लाख रुपए, दयानंद बेनीवाल ने 62 लाख रुपए, अयुष दधीच ने 1 करोड़ 8 लाख रुपए और दलवीर प्रजापत ने 91 लाख 38 हजार रुपए आरोपी की कंपनियों में जमा कराए थे। अधिकांश रकम बैंक से लोन लेकर दी गई थी।
पुलिस ने जांच शुरू की
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निवेश की गई राशि और संबंधित कंपनियों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
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